Breaking

✨ "विपरीत परिस्थितियां कुछ लोगों को तोड़ देती हैं, और कुछ लोगों को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार करती हैं" — अक्षय जमदग्नि ... 🌟 "आपका भविष्य आपके आज के फैसलों पर निर्भर करता है, ग्रहों की चाल को अपने पुरुषार्थ से बदलें" ... 🚀 "वास्तु सुधारेगा परिवेश, और विचार बदलेंगे आपका भविष्य" ... 💎 "Astro Vastu Kosh: जहाँ ज्ञान, ऊर्जा और प्रेरणा मिलते हैं" ...

🕉️ Astro Vastu Kosh 🔱

ज्योतिष | वास्तु | अंक ज्योतिष

Strategic Clarity by Akshay Jamdagni

27+ वर्षों का अनुभव | वैदिक ज्योतिष | वास्तु परामर्श | अंक ज्योतिष

गुरुवार, 27 जनवरी 2022

Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजन विधि व व्रत कथा

Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजन विधि व व्रत कथा

एकादशी तिथि एक महीने में दो बार आती है। एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष। माघ मास में कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी कहते हैं। इस साल यह एकादशी 28 जनवरी 2022 को है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तिल चढ़ाते और खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन तिल का दान स्वर्ण दान के बराबर होता है। कहते हैं कि ऐसा करने वालों को भगवान विष्णु की कृपा होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

षटतिला एकादशी शुभ मुहूर्त-

षटतिला एकादशी तिथि 27 जनवरी को रात 02 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 28 जनवरी की रात 11 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में एकादशी व्रत उदया तिथि में 28 जनवरी को रखा जाएगा।
व्रत पारण का समय-
एकादशी व्रत पारण का शुभ समय 29 जनवरी, शनिवार को सुबह 07 बजकर 11 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट है।
षटतिला एकादशी का महत्व-
षटतिला एकादशी के दिन तिल के प्रयोग का खास महत्व होता है। कहते हैं कि इस दिन तिल का 6 तरह स्नान, उबटन, तर्पण, दान, सेवन और आहुति से पापों का नाश होता है।
षटतिला एकादशी व्रत पूजा विधि-
1. इस दिन व्रती को सुबह जल्दी उठना चाहिए और स्नान करना चाहिए।
2. इसके बाद पूजा स्थल को साफ करना चाहिए। अब भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की मूर्ति, प्रतिमा या उनके चित्र को स्थापित करना चाहिए।
3. भक्तों को विधि-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए।
4. पूजा के दौरान भगवान कृष्ण के भजन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
5. प्रसाद, तुलसी जल, फल, नारियल, अगरबत्ती और फूल देवताओं को अर्पित करने चाहिए।
6. अगली सुबह यानि द्वादशी पर पूजा के बाद भोजन का सेवन करने के बाद षट्तिला एकादशी व्रत का पारण करना चाहिए।
षटतिला एकादशी व्रत कथा-
एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक महिला के खूब संपत्ति थी। वह गरीब लोगों को बहुत दान करती थी। वह जरूरतमंदों को बहुत ज्यादा दान देती थी। वह उन्हें बहुमूल्य सामान, कपड़े और बहुत सारे पैसे बांटती थी। लेकिन गरीबों को कभी भी भोजन नहीं देती थी। यह माना जाता है कि सभी उपहार और दान के बीच, सबसे महत्वपूर्ण भोजन का दान होता है क्योंकि यह दान करने वाले व्यक्ति को महान गुण प्रदान करता है। यह देखकर, भगवान कृष्ण ने उस महिला को यह बताने का फैसला किया। वह उस महिला के सामने भिखारी के रूप में प्रकट हुआ और भोजन मांगा। लेकिन उस महिला ने दान में भोजन देने से इनकार कर दिया और भगवान को गरीब समझकर भगा दिया।
भिखारी बार-बार खाना मांगता रहा। परिणामस्वरूप, महिला ने भगवान कृष्ण का अपमान किया जो एक भिखारी के रूप में थे और गुस्से में भोजन देने के बजाय भीख की कटोरी में एक मिट्टी की गेंद डाल दी। यह देखकर उसने महिला को धन्यवाद दिया और वहां से निकल गया। जब महिला वापस अपने घर लौटी, तो वह यह देखकर हैरान रह गई कि घर में जो भी खाना था, वह सब मिट्टी में परिवर्तित हो गया। यहां तक कि उसने जो कुछ भी खरीदा वह भी केवल मिट्टी में बदल गया। भूख के कारण उसका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। उसने इस सब से बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना की।
महिला के अनुरोध को सुनकर, भगवान कृष्ण उसके सपनों में प्रकट हुए और उसे उस दिन की याद दिलाई जब उसने उस भिखारी को भगा दिया था और जिस तरह से उसने अपने कटोरे में भोजन के बजाय मिट्टी डालकर उसका अपमान किया था। भगवान कृष्ण ने उसे समझाया कि इस तरह के काम करने से उसने अपने दुर्भाग्य को आमंत्रित किया और इस कारण ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने उसे षट्तिला एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन दान करने की सलाह दी और व्रत रखने को भी कहा। महिला ने एक व्रत का पालन किया और साथ ही जरूरतमंद और गरीबों को बहुत सारा भोजन दान किया और इसके परिणामस्वरूप उसे सभी सुखों की प्राप्ति हुई।

🔮 Astro Vastu Kosh

Strategic Clarity by Akshay Jamdagni

📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom

💥 👨‍👩‍👧‍👦 आपके एक गलत फैसले का असर केवल आप पर नहीं, पूरे परिवार पर पड़ सकता है। 💥

🛑 सही समय, सही दिशा और सही निर्णय जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कई बार जल्दबाज़ी, भ्रम या प्रतिकूल समय में लिया गया निर्णय आर्थिक, व्यावसायिक, पारिवारिक और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दैनिक कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy), ग्रहों के गोचर, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय को समझना अत्यंत आवश्यक है।

🔮 २७+ वर्षों के अनुभव से तैयार सटीक वैदिक पंचांग, दैनिक राशिफल, गोचर विश्लेषण और ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रतिदिन सबसे पहले प्राप्त करने के लिए अभी जुड़ें:

• 🟢 WhatsApp Channel: रोज सुबह सटीक पंचांग, राशिफल और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अपडेट प्राप्त करें।
👉 यहाँ क्लिक करके Follow करें

• 👥 Facebook Page: दैनिक वैदिक ज्ञान, ज्योतिषीय विश्लेषण, राशिफल और विशेष आध्यात्मिक सामग्री के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Like करें

• 💼 LinkedIn: व्यावसायिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन, करियर काउंसिलिंग और कॉरपोरेट वास्तु विश्लेषण के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Connect करें

⚠️ व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श (Paid Consultation)

दैनिक राशिफल और गोचर केवल सामान्य संकेत प्रदान करते हैं, लेकिन आपके जीवन, करियर, व्यापार, धन, विवाह, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।

📿 २७+ वर्षों के अनुभव के साथ गहन, प्रामाणिक और व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिषीय परामर्श हेतु:

✍️ Astro Vastu Kosh Newsletter

👉 अपनी ईमेल दर्ज करें और विशेष वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण, गहन लेख तथा परामर्श संबंधी अपडेट प्राप्त करें:
👉 परामर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए यहाँ क्लिक करें


क्या आप अपनी कुंडली या घर का वास्तु दिखाना चाहते हैं?
हमारे Facebook Page से जुड़ें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएं।

फेसबुक Page Join करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें