Breaking

✨ "विपरीत परिस्थितियां कुछ लोगों को तोड़ देती हैं, और कुछ लोगों को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार करती हैं" — अक्षय जमदग्नि ... 🌟 "आपका भविष्य आपके आज के फैसलों पर निर्भर करता है, ग्रहों की चाल को अपने पुरुषार्थ से बदलें" ... 🚀 "वास्तु सुधारेगा परिवेश, और विचार बदलेंगे आपका भविष्य" ... 💎 "Astro Vastu Kosh: जहाँ ज्ञान, ऊर्जा और प्रेरणा मिलते हैं" ...

🕉️ Astro Vastu Kosh 🔱

ज्योतिष | वास्तु | अंक ज्योतिष

Strategic Clarity by Akshay Jamdagni

27+ वर्षों का अनुभव | वैदिक ज्योतिष | वास्तु परामर्श | अंक ज्योतिष

सोमवार, 9 मई 2022

Shadi ke baad मांग भरना क्यों महत्वपूर्ण है जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Shadi ke baad बाद मांग भरना क्यों महत्वपूर्ण है जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

शादी के बाद मांग भरना क्यों महत्वपूर्ण है जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
शादी के बाद मांग भरना क्यों महत्वपूर्ण है जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण 


ऐसी मान्यता कि जब हनुमान जी ने सीता माता को सिंदूर लगाते देखा तो पूछा लिया कि माता आप सिंदूर क्यों लगा रही हैं। इसके उत्तर में देवी सीता ने कहा कि मांग में सिंदूर लगाने से पति की आयु लंबी होती है। यह सुन कर हनुमान जी ने सोचा की यदि मै पुरे शारीर पर सिंदूर लगा लूं तो मेरे प्रभु श्री राम की आयु में वृद्धि हो जायेगी |

हिंदू धर्म में शादीशुदा महिलाओं के लिए मांग में सिंदूर लगाना आवश्यक माना जाता है। क्योंकि इसे पति की लंबी उम्र और सम्मान से जोड़ा जाता है। यह महिलाओं के लिए सुहाग का प्रतीक होता है, जिसके बिना शादीशुदा महिलाओं को अधूरा माना जाता है। मांग में सिंदूर लगाने के धार्मिक महत्व के साथ वैज्ञानिक महत्व भी हैं। तो आइए सिंदूर लगाने के वैज्ञानिक कारणों को जानते हैं।

मांग में सिंदूर लगाने का धार्मिक महत्व..


1. महिलाओं अपनी पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सिंदूर लगाती हैं।
2. हिंदू समाज में सती या पार्वती को आदर्श पत्नी के रूप में माना जाता है और लाल रंग को इनका प्रतीक माना जाता है। इसलिए महिलाओं को लाल सिंदूर लगाने की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी जरूरी है मांग में सिंदूर लगाना..
1. माथे पर सिंदुर लगाने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
2. महिलायें जिस स्थान पर सिंदूर लगाती हैं वह स्थान ब्रह्मरन्ध्र और अध्मि नामक कोमल स्थान के ठीक ऊपर होता है। महिला सिर के जिस स्थान पर सिंदूर लगाती हैं वह स्थान ब्रह्मरन्ध्र और अध्मि नामक कोमल स्थान के ठीक ऊपर होता है।
माना जाता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का यह स्थान अधिक कोमल और संवेदनशील होता है। सिंदूर में मौजूद तत्व इस स्थान से शरीर में मौजूद वुद्युत उर्जा को नियंत्रित करती है। इससे बाहरी दुष्प्रभाव से भी बचाव होता है। सिंदूर में मौजूद तत्व इस स्थान से शरीर में मौजूद वैद्युतिक उर्जा को नियंत्रित करती है। इससे बाहरी दुष्प्रभाव से भी बचाव होता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल

सबसे खास बात तो यह है कि सिंदूर लगाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है इसके साथ ही सिंदूर लगाने का महिलाओं को जो सबसे बड़ा फायदा होता है वह यह है कि उनकी खूबसूरती में निखार आता है सिंदूर में मौजूद पारा धातु की अधिकता से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं।

वैद्युतिक उर्जा को करती नियंत्रित

महिलाएं ब्रह्मरन्ध्र और अध्मि नामक कोमल स्थान के ठीक ऊपर सिंदूर लगाती है इस जगह पर सिंदूर लगाने से शरीर में मौजूद वैद्युतिक उर्जा को नियंत्रित करती है इसके अलावा बाहरी दुष्प्रभाव से भी बचाव होता है।

मन शांत रखने का स्त्रोत

वैज्ञानिकों दृष्टि से सिंदूर लगाने से सेहत को कई फायदे होते हैं महिलाओं का मन शांत रखने का यह सबसे अच्छा स्त्रोत है जब महिलाएं सिंदूर लगाती है तो वह सिंदूर उसके मन को शांत रखने में मदद करता है।

दिमाग को ठंडा रखता है सिंदूर


सिंदूर लगाने से महिलाओं में तनाव दूर होता है दिमाग को ठंडा रखता है साथ ही सिर दर्द, अनिद्रा जैसी समस्या भी दूर होती है जिन महिलाओं को इस तरह की समस्या होती है उन्हें सिंदूर लगाने की सलाह दी जाती है सिंदूर में मौजूद मिश्रित पारा मस्तिष्क के लिए बेहद लाभदायक होता हैं।

महिलाएं माँग में सिंदूर क्यों लगाती हैं?


सिंदूर हमेशा मस्तिष्क के मध्य भाग में लगाया जाता है। हमारे शरीर जो कि ऊर्जा का हीं एक रूप है, उसमें सात चक्र होते हैं। इन सात चक्रों में से दो चक्रों आज्ञा चक्र और सहस्रार चक्र का मस्तिष्क के मध्य भाग पर मिलन होता है। इन दोनों चक्रों के बीच के भाग पर एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है जिसे ‘ब्रह्मरंध्र’ कहा जाता है। इसी ब्रह्मरंध्र पर महिलाएं सिंदूर लगाती हैं।

काफी शोध के बाद वैज्ञानिकों ने भी ये माना है कि जब लड़कियां शादी कर के अपनी ससुराल जाती हैं तो वहां उन पर अचानक हीं बहुत ज्यादा जिम्मेदारियां और दायित्व आ जाते हैं जिनका सीधा प्रभाव उनके मस्तिष्क पर पड़ता है। जिसकी वजह से उन्हे विवाह के बाद सिर दर्द और अनिद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है।

दरअसल सिंदूर में पारा नामक धातु की अधिकता होती है। यह धातु ब्रह्मरंध्र ग्रंथि के लिए बहुत हीं प्रभावशाली मानी जाती है। यह धातु महिलाओं के मस्तिष्क के तनाव और चिंता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि सिंदूर के लगातार प्रयोग के कारण महिलाओं का मस्तिष्क हमेशा चैतन्य अवस्था में रहता है।

सिंदूर लगाने से महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरूषों के तेज में भी वृद्धि होती है। इसका उदाहरण देखना हो तो आप किसी तिलक लगाए हुए पुरूष और एक बिना तिलक लगाए हुए पुरूष को देखिए। आपको स्पष्ट रूप से फर्क दिखेगा।
आपको जानकर हैरानी होगी कि स्त्रियों के सिंदूर लगाने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण हैं। सनातन धर्म में मौजूद लगभग सभी परंपराओं के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक कारण जरूर है। । इस परंपरा के तहत स्त्रियों के मांग में पुरूषों के ललाट पर तिलक या टीका लगाना अनिवार्य कर दिया।
हमारे पूर्वजों और ॠषि-मुनियों ने काफी रिसर्च के बाद सिंदूर लगाने की परंपरा शुरू की

असल में सिंदूर एक खास पौधे कमीला के बीज से तैयार किया जाता है, जिसका धार्मिक ग्रंथों में जिक्र किया गया है और उससे बने सिंदूर को लेकर उपाय किए जाते हैं और उसको लगाने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है, जिसे ऑर्गेनिक सिंदूर कहते हैं। मान्यता है कि वन प्रवास के दौरान माता सीता इसी बीज के पराग को अपनी मांग में लगाती थीं। ..
जौनपुर : हिमालयन बेल्ट में मिलने वाला दुर्लभ कमीला जतन से अब मैदानी क्षेत्रों में भी उगाया जाने लगा है। सरोखनपुर में उगा कमीला फलों से लद गया है। सुहागिनों का सौभाग्य बढ़ाने वाला सिंदूर इसकी फली से निकलता है। मान्यता है कि वन प्रवास के दौरान माता सीता इसी फल के पराग को अपनी मांग में लगाती थीं। महाबली हनुमान इसी का लेप तन पर लगाया करते थे। औषधीय गुणों से भरपूर कमीला को दर्जनों रोगों के उपचार हेतु प्रयोग किया जाता है।

सरोखनपुर निवासी वैद्य हनुमानदीन गुप्त ने वर्ष 2002 में यह पौधा अपने यहां लगाया। उन्होंने बताया कि माता वैष्णो देवी दर्शन के बाद लौटते समय एक महात्मा ने यह पौधा प्रसाद के रूप में प्रदान किया था। लगाने के तीन-चार साल बाद इसमें फल आने लगा।
शादी के बाद मांग भरना क्यों महत्वपूर्ण है जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
https://www.jyotishwithakshayg.com/2022/04/blog-post_28.html

होता है रोगों का उपचार


कमीला औषधीय गुणों से भरपूर है। इससे अनेक रोगों का उपचार होता है। शरीर की चेष्टावह नाड़ियों, अवसादक अन्नदह प्रणाली पर इसकी प्रक्षेलक क्रिया होती है। त्वचा रोग के उपचार में इसका प्रमुख रूप से प्रयोग किया जाता है। आध्यात्मिक विचारधारा रखने वालों के मतानुसार इससे प्राप्त चंदन का प्रयोग आयुर्बल वर्धक एवं मानसिक शांति प्रदान करता है। जो कृत्रिम सिंदूर, रोरी, कुमकुम से उत्तम होता है। यह पहाड़ी क्षेत्रों में भारत, चीन, वर्मा, सिंगापुर, मलाया, लंका, अफ्रीका आदि में ज्यादा पाया जाता है।

🔮 Astro Vastu Kosh

Strategic Clarity by Akshay Jamdagni

📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom

💥 👨‍👩‍👧‍👦 आपके एक गलत फैसले का असर केवल आप पर नहीं, पूरे परिवार पर पड़ सकता है। 💥

🛑 सही समय, सही दिशा और सही निर्णय जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कई बार जल्दबाज़ी, भ्रम या प्रतिकूल समय में लिया गया निर्णय आर्थिक, व्यावसायिक, पारिवारिक और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दैनिक कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy), ग्रहों के गोचर, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय को समझना अत्यंत आवश्यक है।

🔮 २७+ वर्षों के अनुभव से तैयार सटीक वैदिक पंचांग, दैनिक राशिफल, गोचर विश्लेषण और ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रतिदिन सबसे पहले प्राप्त करने के लिए अभी जुड़ें:

• 🟢 WhatsApp Channel: रोज सुबह सटीक पंचांग, राशिफल और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अपडेट प्राप्त करें।
👉 यहाँ क्लिक करके Follow करें

• 👥 Facebook Page: दैनिक वैदिक ज्ञान, ज्योतिषीय विश्लेषण, राशिफल और विशेष आध्यात्मिक सामग्री के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Like करें

• 💼 LinkedIn: व्यावसायिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन, करियर काउंसिलिंग और कॉरपोरेट वास्तु विश्लेषण के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Connect करें

⚠️ व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श (Paid Consultation)

दैनिक राशिफल और गोचर केवल सामान्य संकेत प्रदान करते हैं, लेकिन आपके जीवन, करियर, व्यापार, धन, विवाह, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।

📿 २७+ वर्षों के अनुभव के साथ गहन, प्रामाणिक और व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिषीय परामर्श हेतु:

✍️ Astro Vastu Kosh Newsletter

👉 अपनी ईमेल दर्ज करें और विशेष वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण, गहन लेख तथा परामर्श संबंधी अपडेट प्राप्त करें:
👉 परामर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए यहाँ क्लिक करें


क्या आप अपनी कुंडली या घर का वास्तु दिखाना चाहते हैं?
हमारे Facebook Page से जुड़ें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएं।

फेसबुक Page Join करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें