वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने बाथरूम में इन नियमों का रखें ख्याल धन हानि से बचने के लिए
![]() |
| वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने बाथरूम में इन नियमों का रखें ख्याल धन हानि से बचने के लिए |
घर के बाथरूम को वास्तु शास्त्र के नियमों के आधार पर बनवाना शुभ माना जाता है। क्योंकि इस जगह पर वास्तु दोष सबसे अधिक होता है। वास्तु दोष होने पर शारीरिक मानसिक के साथ आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बाथरूम से आ रही थीं अजीबो-गरीब आवाजें, दीवार तोड़कर देखा तो उड़ गए होश
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के सदस्यों की तरक्की, धन लाभ के लिए सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी है। ऐसे में घर में हर एक चीज को वास्तु के हिसाब से रखते हैं। लेकिन जब बात बाथरूम या शौचालय की आती है, तो वास्तु को अनदेखा कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम घर की एक ऐसी जगह है जहां पर सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इसलिए जरूरी है कि बाथरूम के वास्तु का पूरा ध्यान रखा जाएं। क्योंकि बाथरूम में वास्तु दोष होने से धन हानि के साथ मानसिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं कि बाथरूम संबंधी किन वास्तु नियमों का जरूर पालन करना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शौचालय कभी भी उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। क्योंकि यह दिशा भगवान कुबेर की होती है। इसके साथ ही इस दिशा से सबसे अधिक सकारात्मक ऊर्जा निकलती है। इसके अलावा शौचालय दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए।
बाथरूम में ऐसी चीजें बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए जो तांबे से बनी हो। क्योंकि तांबा को शुद्ध धातु माना जाता है जिसका इस्तेमाल देवी-देवता की पूजा के लिए किया जाता है।
वास्तु के हिसाब से इस बात का जरूर ध्यान रखें कि बाथरूम में पानी का नल दक्षिणी कोने में नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जब पानी का इस्तेमाल न हो तो बिल्कुल भी नल को खुला न छोड़े। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर नल से थोड़ा सा भी पानी टपकता है, तो उसे तुरंत सही करा लें। क्योंकि यह धन हानि का कारण बन सकता है।
अगर आप बाथरूम में शावर लगाने की सोच रहे है, तो इसे उत्तर दिशा में लगाएं। क्योंकि इस दिशा को जल की दिशा माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में शीशा लगाने की मनाही होती है। क्योंकि इससे भी एनर्जी रिफ्लेक्ट होती है। ऐसे में बाथरूम में सबसे अधिक निगेटिव एनर्जी होती है। अगर आप शीशा लगाना ही चाहते हैं, तो बाथरूम की उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाना ठीक होगा।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम को इस तरह से बना होना चाहिए कि अंदर ताजी हवा आएं। इसके साथ ही बाथरूम में डार्क कलर कराने से बचना चाहिए। इसलिए आप बाथरूम में समुद्री नीला, पीला, गुलाबी, सफेद जैसे हल्के रंग करा सकते हैं।
Download
🔮 Astro Vastu Kosh
Strategic Clarity by Akshay Jamdagni
📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom
💥 👨👩👧👦 आपके एक गलत फैसले का असर केवल आप पर नहीं, पूरे परिवार पर पड़ सकता है। 💥
🛑 सही समय, सही दिशा और सही निर्णय जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कई बार जल्दबाज़ी, भ्रम या प्रतिकूल समय में लिया गया निर्णय आर्थिक, व्यावसायिक, पारिवारिक और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दैनिक कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy), ग्रहों के गोचर, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय को समझना अत्यंत आवश्यक है।
🔮 २७+ वर्षों के अनुभव से तैयार सटीक वैदिक पंचांग, दैनिक राशिफल, गोचर विश्लेषण और ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रतिदिन सबसे पहले प्राप्त करने के लिए अभी जुड़ें:
• 🟢 WhatsApp Channel: रोज सुबह सटीक पंचांग, राशिफल और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अपडेट प्राप्त करें।
👉 यहाँ क्लिक करके Follow करें
• 👥 Facebook Page: दैनिक वैदिक ज्ञान, ज्योतिषीय विश्लेषण, राशिफल और विशेष आध्यात्मिक सामग्री के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Like करें
• 💼 LinkedIn: व्यावसायिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन, करियर काउंसिलिंग और कॉरपोरेट वास्तु विश्लेषण के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Connect करें
⚠️ व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श (Paid Consultation)
दैनिक राशिफल और गोचर केवल सामान्य संकेत प्रदान करते हैं, लेकिन आपके जीवन, करियर, व्यापार, धन, विवाह, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।
📿 २७+ वर्षों के अनुभव के साथ गहन, प्रामाणिक और व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिषीय परामर्श हेतु:
✍️ Astro Vastu Kosh Newsletter
👉 अपनी ईमेल दर्ज करें और विशेष वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण, गहन लेख तथा परामर्श संबंधी अपडेट प्राप्त करें:
👉 परामर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए यहाँ क्लिक करें

अच्छी जानकारी
जवाब देंहटाएं