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शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

गूलर और आवले के औषधीय गुणों की खान हैं और जानिए किन बीमारियों में है रामबाण देखे

गूलर और आवले के औषधीय गुणों की खान हैं और जानिए किन बीमारियों में है रामबाण देखे 

गूलर में एंटी-डायबिटिक एंटी-आक्सीडेंट और एंटी-अस्थमैटिक खूबियां भी गूलर में पाई जाती हैं यानी इसका सेवन डायबिटीज और अस्थमा की परेशानी से भी राहत देता है। तो आंवला में इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है।

गूलर और आवले के औषधीय गुणों की खान हैं और जानिए किन बीमारियों में है रामबाण देखे 

प्रकृति किसी प्रयोगशाला जैसी है। यहां हर छोटी-बड़ी बीमारी की औषधि मिल जाती है। ऐसे ही औषधीय गुणों की खान हैं गूलर और आंवला। इन पेड़ों को बढ़ावा देना पर्यावरण और मनुष्य दोनों के स्वास्थ्य के लिए हितकारी है। गूलर का कच्चा और पका दोनों तरह का फल उपयोगी है। इनमें बहुत से गुण होते हैं। साथ ही इसके पत्ते, छाल, जड़ और लकड़ी सभी का कुछ न कुछ औषधीय प्रयोजन के लिए उपयोग किया जाता है।

लाभ अनेक

गूलर में विटमिन बी 2 होता है। यह रेड ब्लड सेल बनाने में सहायक है। इससे शरीर में एंटीबाडी बनने की प्रक्रिया भी तेज होती है।

गूलर में आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन आयरन की कमी की समस्या से बचा सकता है।

एंटी-डायबिटिक, एंटी-आक्सीडेंट और एंटी-अस्थमैटिक खूबियां भी गूलर में पाई जाती हैं यानी इसका सेवन डायबिटीज और अस्थमा की परेशानी से भी राहत देता है।

वर्तमान समय में अनिद्रा गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही है। गूलर नींद न आने की इस समस्या से भी बचाता है।

गूलर की पत्तियों को शहद के साथ पीसकर खाने से पित्त से संबंधित बीमारियों में आराम मिलता है।

आंवला

आंवला को इसकी विशेषताओं के कारण आयुर्वेद में अमृतफल भी कहा जाता है। आंवला स्वयं अलग-अलग प्रकार से औषधि का काम करता है, साथ ही कई औषधियों में इसका प्रयोग भी किया जाता है। पाचन संबंधी समस्याओं के मामले में आंवला को रामबाण औषधि भी कहा जा सकता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी आंवला कारगर है। आंवला में विटामिन सी, विटामिन एबी कांप्लेक्स, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और डाइयूरेटिक एसिड पाए जाते हैं।

लाभ अनेक

आंवला में इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है।

आंवला में पाया जाने वाला क्रोमियम बीटा ब्लाकर के प्रभाव को कम करता है। साथ ही बैड कोलेस्ट्राल को खत्म करने और गुड कोलेस्ट्राल बनाने में भी सहायक है।

डायबिटीज के रोगियों के लिए भी आंवला के सेवन को लाभकारी माना जाता है। इसे खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करने में कारगर पाया गया है।

बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन से लड़ने की शक्ति भी आंवला में पाई जाती है।

शरीर से टाक्सिन यानी जहरीले तत्वों को बाहर निकालकर आंवला हमें स्वस्थ रखता है।

पाचन तंत्र को मजबूती देना आंवला के अहम गुणों में से है। कहा जाता है कि आंवला को किसी न किसी स्वरूप में भोजन में शामिल करना चाहिए।

इसका रस आंखों के लिए गुणकारी है।

आंवला हड्डियों को ताकत देता है। इसके सेवन से आस्टियोपोरोसिस, अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द की समस्या से आराम मिलता है।

सर्दी-जुकाम, पेट के इंफेक्शन और अल्सर की समस्या से बचाने में भी आंवला सहायक है।

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