बृहस्पति मीन राशि में हुए वक्री 108 दिनों तक ये 5 राशि होंगीं मालामाल 118 दिन बाद फिर बदलेंगे चाल
| बृहस्पति हुए वक्री 108 दिनों तक ये 5 राशि होंगीं मालामाल 118 दिनों बाद बदलेंगे चाल |
देव गुरु बृहस्पति शुक्रवार को मीन राशि में वक्री हो गए। देव गुरु के वक्री होने से कई राशि के जातकों का भाग्योदय होगा। 118 दिन दिन बाद बृहस्पति मार्गी होंगे। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को विशेष स्थान प्राप्त है। ज्योतिष में इन्हें पुत्र, जीवनसाथी, धन-संपत्ति, शिक्षा व वैभव का कारक ग्रह माना गया है। देव गुरु बृहस्पति 29 जुलाई को मीन राशि में वक्री होने के बाद 24 नवंबर दिन गुरुवार को 118 दिन बाद पुन: मार्गी होंगे। देवगुरु के मीन राशि में वक्री होने से जहां कुछ राशियों का भाग्योदय हो जाएगा। इन्हें अधिक धन की प्राप्ति होगी। इनकी सुख समृद्धि में वृद्धि होगी। वहीं कुछ राशियों के जातकों के लिए वक्त मुश्किल हो सकता है।
गुरु ग्रह मीन राशि में वक्री होंगे अर्थात् 29 जुलाई को 02:06 A.M. पर मीन राशि में गुरु की उल्टी चाल प्रारंभ हो जाएगी. 29 जुलाई से 24 नवंबर तक गुरु वक्री रहेंगे. 24 नवंबर बृहस्पति को सुबह 04 बजकर 31 मिनट पर गुरु मीन राशि में ही मार्गी हो जाएंगे यानि फिर से गुरु की सीधी चाल शुरु हो जाएगी.
108 दिनों तक दोनों हाथों से धन बटोरेंगे ये राशि के लोग, गुरु वक्री से होगा तगड़ा धनलाभ
वैदिक ज्योतिष में हर ग्रह का अपना महत्व बताया गया है. कोई भी ग्रह जब राशि परिवर्तन करता है या फिर वक्री करता है, तो उसका शुभ और अशुभ दोनों प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ते हैं. 29 जुलाई को अपनी स्वराशि मीन में देवगुरु बृहस्पति वक्री अवस्था में आ गए हैं. और 108 दिनों तक ऐसे ही रहने वाले हैं. इसका सीधा प्रभाव कुछ राशियों के जीवन पर साफ देखा जा सकता है.
बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का संबंध ज्ञान, वृद्धि, शिक्षक, धन, दान और पुण् से है. इसलिए इनके वक्री होने से सभी राशियों पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है. 3 राशि के जातकों के इस दौरान विशेष धनलाभ हो सकता है. जानें इस राशियों के बारे में.
वृष राशि- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु वक्री होने से इस राशि के दिन अच्छे कटेंगे. देव गुरु इनके 11वें स्थान में वक्री हुए हैं. इसे इनकम और लाभ का स्थान कहा जाता है. गुरु के वक्री होने से आय में बढ़ोतरी होने के योग बन रहे हैं. इनकम के नए माध्यम बनेंगे. व्यापार में तगड़ा लाभ होता नजर आ रहा है. इस दौरान कोई व्यावसायिक डील फाइनल होने से धनलाभ होगा.
गुरु वक्री करने से कार्यशैली में भी निखार देखने को मिलेगा, जिससे ऑफिस में आपकी तारीफ होगी. अगर कोई नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो कर सकते हैं.
गुरु ग्रह आपके 8वें स्थान के स्वामी हैं, इसलिए शोध के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता हासिल होगी.
मिथुन राशि- गुरु वक्री से इन राशि के जातकों के जीवन में अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. गुरु ग्रह आपके दशम भाव में वक्री होने जा रहे हैं, इसे जॉब, व्यापर और कार्यक्षेत्र का भाव माना जाता है. इस दौरान नई जॉब का ऑफर मिल सकता है. इंक्रीमेंट और अप्रेजल के भी चांस हैं. व्यापार में अच्छा धनलाकी संभावना है. गुरु वक्री से व्यापार का विस्तार हो सकता है.
मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए ये समय लाभकारी है. मिथुन राशि पर बुध का आधिपत्य है. ज्योतिष के अनुसार बुध और गुरु ग्रह में मित्रता का भाव होने के कारण ये समय फायदेमंद रहेगा.
कर्क राशि- गुरु ग्रह इस राशि के नवम भाव में वक्री हुए हैं. इसे भाग्य और विदेश यात्रा का स्थान माना गया है. इसलिए इस दौरान भाग्य पूरा देगा. अटके हुए काम बनेंगे. कारोबार से संबंधित छोटी या बड़ी यात्रा कर सकते हैं. ये यात्रा आपके लिए लाभकारी साबित होगा. विदेश से जुड़े व्यापार वाले लोगों को भी मुनाफा होगा.
गुरु आपके छठे स्थान के स्वामी हैं और इसे रोग, कोर्ट-कचहरी और शत्रु का भाव माना गया है. इस दौरान शत्रुओं पर जीत हासिल होगी. इस दौरान मोती स्टोन पहनना लाभदायक रहेगा.
1. मेष राशि
इस राशि में गुरु द्वादश भाव में वक्री हो रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों को काफी लाभ मिलेगा। बिगड़े हुए काम सुचारू रूप से चलने लगेंगे। पिछले कुछ समय से जिन कामों में लगातार असफलता का मुंह देखना पड़ रहा था। अब इन कामों में सफलता प्राप्त होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अगर कहीं निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो इन 118 दिनों में कभी भी कर लें इससे लाभ ही लाभ मिलेगा।
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2. वृषभ राशि
इस राशि में गुरु एकादश भाव में वक्री हो रहा है। इस भाव में होने से जातक को धन मिलने के अनेक स्रोत होते है। समाज में मान-सम्मान के साथ यश की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे छात्रों को भी लाभ मिलेगा। गुरु होने पर बड़े भाईयों से अच्छा सहयोग मिलता है।
3. सिंह राशि
इस राशि में गुरु आठवें भाव में वक्री हो रहे हैं। ऐसे में इन राशि के जातकों की हर परेशानी का अंत होगा। हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। गुरु के प्रभाव से व्यक्ति धार्मिक और दान पुण्य करने वाला होता है। व्यक्ति को भ्रमण करने में आनंद आता है और आध्यात्मिक ज्ञान को पाने के लिए जातक आतुर रहता है।
4. मकर राशि
इस राशि में गुरु तृतीय भाव में वक्री हो रहा है। ऐसे में इस राशि में गुरु का असर मिलाजुला रहेगा। नए काम में सफलता प्राप्त होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। किसी पुराने दोस्त या रिश्तेदार से मुलाकात हो सकती है।
5. कुंभ राशि
इस राशि में गुरु दूसरे भाव में वक्री रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को शुभ ही शुभ मिलेगा। जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ है उन्हें शादी का प्रस्ताव आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा।
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