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| maalavy rajayog mi in rashiyon par hogi chhappar phaad dhanavarsha |
मालव्य राजयोग:-
मालव्य राजयोग जो कि 6 अप्रैल को शुक्र गोचर के बाद बना है। मालव्य योग वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व पंच महापुरुष योग में एक होता है मालव्य योग. ज्योतिष के अनुसार जब कुंडली में शुक्र अपनी ही राशि वृषभ और तुला या फिर उच्च राशि मीन में पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाग में बैठा हो तो मालव्य योग बनते हैं.
मालव्य राजयोग वाले व्यक्ति:-
मालव्य योग वाले व्यक्ति पर हमेशा ही शुक्र का प्रभाव रहता है, इसलिए ऐसे व्यक्ति का भाग्य बलवान होता है| ये संगीत, सिनेमामीडिया जैसे कला क्षेत्र से कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं. साथ ही ये पर्सनैलिटी के मामले में भी धनवान होते हैं, जो अपने सामने वाले को आसानी से आकर्षित कर लेते हैं. इन्हें जीवन में भौतिक सुखी की कोई कमी नहीं होती. इस योग के शुभ प्रभाव से जातक साहसी, पराक्रमी, तर्कसंगत और एक अच्छा निर्णायक बन जाता है। वहीं करियर के क्षेत्र में यह योग प्लानर, कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जन, इंटीरियर डेकोरेटर, फोटोग्राफर, ज्योतिषी, मैरिज ब्यूरो निदेशक, टीवी होस्ट, ब्यूटीशियन, टीवी या मूवी एक्टर, फैशन डिजाइनर, संगीतकार, मॉडलगायक, आयुर्वेदिक डॉक्टर आदि को अनुकूल परिणाम प्रदान करता है.
मालव्य राजयोग फलदायी नहीं होने के कुछ कारण :-
मालव्य योग फलदायी नहीं होगा कुंडली में किसी भी शुभ योग के लिए ग्रहों का शुभ होना काफी महत्व रखता है। ऐसे में माल्वय योग के निर्माण के लिए शुक्र का शुभ होना जरूर है क्योंकि अशुभ होने पर यह कुंडली में दोष पैदा करता है। यदि किसी जातक की कुंडली में अशुभ शुक्र वृषभ तुला या मीन राशि में पहले भाव में स्थित है तो मालव्य योग की जगह अशुभ शुक्र दोष का निर्माण हो जाता है। ऐसे में जातक के व्यवसाय और चरित्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा यदि कुंडली में शुभ शुक्र पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो मालव्य योग के फल को कम कर सकता है।
• यदि कुंडली में पितृदोष, मांगलिक दोष या कालसर्प दोष जैसे दोष बनते हैं तो वे सभी इस योग के शुभ प्रभाव को कम कर देते हैं। साथ ही जातक भोग-विलासितापूर्ण जीवन जीने के लिए अनैतिक कार्य भी करने लगता है।
मालव्य योग में जन्मा जातक:-
मालव्य योग में जन्मा जातक कुंडली में मालव्य योग वाले जातकों के पास एक आकर्षक और चुंबकीय व्यक्तित्व होता है जो अन्य लोगों को बहुत आसानी से और विशेष रूप से विपरीत लिंग के लोगों को आकर्षित करता हैउनके पास बड़ी आंखेंएक ऊंची नाक, पतली कमर और शाही आवाज के साथ सुंदर रूप होता हैउनके हाथों और पैरों में शंख, कमल या मछली के निशान होते हैं | ऐसे जातक दिखने में अच्छे, कलात्मक, बुद्धिमान, प्रसिद्ध, हास्य कलाकार और जीवन में सभी भौतिक सुखों और समृद्धि के अधिकारी होते हैंसाथ ही प्रशंसनीय, खुले विचारों वाले, दृढ़ विश्वासी, शक्तिशाली और भाग्यशाली होते हैं |कुंडली में माल्वय योग बनने से जातक सफलमहंगे वाहन, उच्च शिक्षित, और लग्जीरियस लाइफ जीते हैं। वे जीवनसाथी और बच्चों के साथ भौतिकवादी खुशी के माध्यम से खुशी का आनंद लेते हैं |मालव्य योग जातक को एक सुंदर और प्यार करने वाली पत्नी, व्यवसाय में सफलताविलासिता और सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन और राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि का आशीर्वाद देता है। स्त्री की कुंडली में मौजूद मालवीय योग उन्हें बहुत सुंदर और वांछनीय बना सकते हैंइस योग के प्रबल प्रभाव में महिलाएँ राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता जीत सकती
मालव्य राजयोग लग्न और राशि के अनुसार :-
वृषभ लग्न और राशि:
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| maalavy rajayog mi in rashiyon par hogi chhappar phaad dhanavarsha |
शुक्र का यह बेहद ही महत्वपूर्ण गोचर वृषभ राशि के लग्न भाव में होने जा रहा है। ऐसे में इस गोचर के दौरान आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आपके आत्मविश्वास में अदम्य वृद्धि देखने को मिलेगी। इसके अलावा आपको अपनी मेहनत का भरपूर फल प्राप्त होगा। जीवन में सुख सुविधाएं नसीब होंगी, विवाहित जातकों का उनकी पत्नी के साथ रिश्ते बेहतर होने के आसार हैं। इस राशि के नौकरीपेशा जातकों को भी सफलता प्राप्त होगी। आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी और अगर आप अविवाहित हैं और विवाह के बारे में विचार कर रहे हैं तो इस समय अवधि में आपके विवाह के अवसर बन सकते हैं।
सिंह लग्न और राशि:
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शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में होगा। ऐसे में मालव्य राजयोग आपके दशम भाव में बनने जा रहा है। इस राशि के जो जातक नौकरी की तलाश कर रहे हैं उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है और जो लोग व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस अवधि में ढेरों मुनाफा होने के संयोग बनते नजर आ रहे हैं। नौकरी पेशा जातकों को तरक्की, वेतन वृद्धि, मनचाही जगह पर स्थानांतरण के प्रबल योग बन रहे हैं और आपकी सुख सुविधाओं में इजाफा देखने को मिलेगा। इसके अलावा इस राशि के कुछ जातक इस अवधि में संपत्ति या फिर वाहन खरीद सकते हैं।
मकर लग्न और राशि:-
आपके पंचम भाव में मालव्य राजयोग का निर्माण होगा। इसके अलावा चूंकि शुक्र को सुख सुविधाओं और वाहन का कारक माना जाता है| आप के सम्मान में व पदोन्नति के योग बान रहे है, परिवार में शुभ समाचार के तथा धन लाभ के योग भी बन रहे है मित्र आप के कार्य में सहायक बनने जा रहे है, और आपके परिवार में शांति का माहौल देखने को मिलेगा।
कुंभ लग्न और राशि:
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आपके चतुर्थ भाव में मालव्य राजयोग का निर्माण होगा। इसके अलावा चूंकि शुक्र को सुख सुविधाओं और वाहन का कारक माना जाता है ऐसे में स्वाभाविक तौर पर आपके सुख सुविधाओं में इजाफा होगा और वाहन खरीदने के योग बनेंगे। इस समय अवधि में आप ज्यादा से ज्यादा आराम करेंगे और आपके परिवार में शांति का माहौल देखने को मिलेगा।
मालव्य राज योग का फल भाव के अनुसार:-
A. कुंडली के पहले घर में शुक्र के द्वारा मालव्य योग बनाने से जातक सौंदर्य, व्यवसायिक सफलता तथा प्रसिद्धि आदि प्राप्त करता है।
B. कुंडली के चौथे भाव में मालव्य योग निर्माण से जातक को संपत्ति, ऐश्वर्य, वैवाहिक सुखवाहन, विलासपूर्ण घर तथा विदेश यात्रा जैसे शुभ फल प्राप्त होते हैं।
C. कुंडली के सातवें भाव में मालव्य योग बनने से जातक बिजनेस, फिल्म इंडस्ट्री, फैशन जगत अथवा सौंदर्य प्रतियोगिताओं के माध्यम नेशनल या इंटरनेशनल ख्याति प्राप्त कर सकता है साथ ही जातक को एक सुंदर या निष्ठावान पति या पत्नी मिल सकती है।
D. कुंडली के दसवें भाव में मालव्य योग से जातक व्यापार, सिनेमा, होटल व्यवसाय, हवाई सेवा आदि से आर्थिक लाभ कमा सकता है और नये मुकाम हासिल कर सकता है।





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