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सोमवार, 30 अक्टूबर 2023

Kartik Maas हिंदू धर्म में कार्तिक मास का आरम्भ और महत्व

हिंदू धर्म में कार्तिक मास का आरम्भ और महत्व

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Akshay Jamdagni
👉हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। यह माह भगवान विष्णु के सबसे प्रिय मास में से एक है। इस पूरे महीने भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा करने का विधान है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आठवां माह कार्तिक मास होता है, जो आश्विन मास के बाद आता है। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि कार्तिक मास के दौरान भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं। इस कारण इस पूरे मास स्नान-दान करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस पूरे महीने में तुलसी के पौधे की पूजा करने से भी मां लक्ष्मी के साथ श्री हरि की असीम कृपा प्राप्त होती है।

👉कब से शुरू हो रहा कार्तिक मास?


👉भगवान विष्णु का प्रिय माह कार्तिक मास 29 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, जो 27 नवंबर 2023 को समाप्त हो रहा है।

💥कार्तिक मास का महत्व💥


कार्तिक मास में तुलसी की पूजा का भी बहुत खास महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पौधा भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय है। इस महीने में नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। कार्तिक मास में पूजा पाठ और उपवास करने से मनुष्य को वैभव की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जो भी मनुष्य इस महीने में नियमित रूप से पूजा पाठ करता है और भगवान् विष्णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कार्तिक मास में श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मनुष्य के सभी रोग दूर हो जाते हैं और उनके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

💥कार्तिक मास से जुडी विशेष बातें💥


👉हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बहुत ही खास महत्व दिया गया है। कार्तिक मास का आरंभ शरद पूर्णिमा के दिन से होता है और कार्तिक पूर्णिमा के दिन कार्तिक मास का अंत होता है। हमारे शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में दान पुण्य, पूजा पाठ और गंगा स्नान का बहुत ही महत्व बताया गया है। हमारे शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु 4 महीने की निद्रा के बाद कार्तिक मास में देव उठनी एकादशी के दिन जागते हैं, इसलिए इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा का भी बहुत महत्व माना जाता है। धर्म पुराणों के अनुसार कार्तिक के महीने में श्रीमद् भागवत और गीता का पाठ करने से मनुष्य के सभी पाप दूर हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

👉कार्तिक मास में तुलसी के पौधे में राधा कृष्ण और भगवान् विष्णु के नाम का कलावा बांधकर विधिवत पूजा-अर्चना करें। ऐसा करने से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाएँगी और आपके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।

👉कार्तिक मास में हरी बोधनी एकादशी को भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु के सामने घी कपूर का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु की संभावना खत्म हो जाती है। 

👉हमारे शास्त्रों में बताया गया है की दीपावली के 4 दिन पहले मां लक्ष्मी तेल में निवास करती हैं। इस दिन को नरक चौदस के रूप में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि नरक चौदस के दिन शरीर में सरसों का तेल लगाने से मनुष्य के जीवन में धन की कमी दूर हो जाती है। इसके अलावा नरक चौदस के दिन स्नान करने के बाद दीपदान करना शुभ माना जाता है।

👉कार्तिक मास में दीपदान का भी बहुत खास विधान है। आप चाहे तो मंदिर या नदी में दीप दान कर सकते हैं। इसके अलावा इस महीने में ब्राह्मणों को भोजन कराना, क्षमता अनुसार दान करना, तुलसी के पत्तों का दान करना, आंवले का दान करना और अन्न का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।

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