59 साल बाद धनतेरस पर बेहद शुभ संयोग देखे पूजा का शुभ मुहूर्त इन 5 राशि के लोगों होंगे नोटों से मालामाल
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59 साल बाद धनतेरस पर ग्रहों के बेहद शुभ संयोग में पूजा का शुभ मुहूर्त इन 5 राशि के लोग होंगे नोटों से मालामाल
इस दिन धन्वंतरि देव, लक्ष्मी जी और कुबेर महाराज की पूजा-अर्चना की जाती है।
धनतेरस कब है? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और विधि
दीपोत्सव का यह पर्व पूरे पांच दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है।
इस दिन धन्वंतरि देव, लक्ष्मी जी और कुबेर महाराज की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही किसी भी वस्तु की खरीदारी के लिए यह दिन उत्तम माना जाता है।
मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है।
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इस साल धनतेरस कब है…
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से शुरू हो रही है।
धन-त्रयोदश (धन-तेरस) प्रदोषव्यापिनी कार्तिक कृष्णत्रयोदशी को मनायी जाती है। इसदिन सायंकाल के समय घर के मुख्य दरवाजे पर यमराज के निमित्त दक्षिणाभिमुख करके एक दीपक | तेल से भरकर प्रज्वलित करें तथा गन्धाक्षतादि से पूजन कर एक पात्र में अनाज रखकर उस पर प्रज्वलित दीप रख देवें ।
‘कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां निशामुखे।
यमदीपं वहिणर्दघात् अपमृत्यु विनश्यति ।।
यह पर्व सूर्यास्त के बाद त्रि-मुहूर्त्त (लगभग 6 घड़ी) व्यापिनी त्रयोदशी ग्रहण करनी चाहिए-
सूर्यास्तमानोत्तर त्रिमुहूर्तात्मक प्रदोषव्यापिनी त्रयोदशी ग्राह्या ।। (धर्मसिन्धु)
इस वर्ष त्रयोदशी 10 नवम्बर, शुक्रवार को पूर्णतया प्रदोषव्यापिनी है। अत: 'धन त्रयोदशी' 10 नवम्बर, शुक्रवार को ही शास्त्रसम्मत है।
प्रदोषव्यापिनी कार्तिक कृष्णत्रयोदशी के दिन प्रदोष में यम को दीपदान किया जाता है। अतः इसीदिन यम दीपदान होगा।
इस तिथि का समापन अगले दिन 11 नवंबर की दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर होगा। धनतेरस के दिन पूजा प्रदोष काल में होती है, इसलिए धनतेरस 10 नवंबर को मनाई जाएगी।
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 47 मिनट से रात 07 बजकर 47 मिनट तक है
इस साल 10 नवंबर को धनतेरस के दिन सोना और चांदी खरीदने का सबसे शुभ समय दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 11 नवंबर 2023 की सुबह 6 बजकर 40 मिनट के बीच है। इसके अलावा यदि आप इस समय खरीदारी से चूक जाते हैं, तो 11 नवंबर को सुबह 06 बजकर 40 मिनट से दोपहर 1 बजकर 57 मिनट के बीच सामान खरीद सकते हैं।
धनतेरस पर ग्रहों की स्थिति 59 साल बाद एक बड़े ही दुर्लभ संयोग का निर्माण कर रही है. धनतेरस पर 30 साल बाद शनि स्वराशि कुंभ में रहेंगे
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इन 5 राशि के लोग होंगे नोटों से मालामाल
वहीं, शुक्र कन्या राशि में, गुरु मेष राशि में और सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे.
इस दौरान गुरु मेष राशि में रहकर सप्तम दृष्टि से सूर्य को देख रहे हैं.
शनि मूल त्रिकोण राशि में
रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. वहीं, शुक्र मित्र राशि कन्या में बैठे हैं. ग्रहों का ऐसा संयोग 5 राशियों को धन लाभ देने वाला है.
मेष- करियर में अच्छे
अवसर मिल सकते हैं. इस अवधि में किया गया निवेश आपको लंबे समय तक लाभ देगा. खर्चों
में कमी आएगी और धन का होगा.
मिथुन- आय में वृद्धि
होने के योग बनते दिखाई दे रहे हैं. सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे लोगों को भी
शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं.
सिंह- रुपये-पैसे के
मामले में समय काफी अनुकूल रहने वाला है. इस दौरान आपको स्थायी संपत्ति में लाभ
मिलने की संभावना है.
मकर- पुरानी समस्याओं से
राहत मिलेगी. कर्जों से परेशान लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं. नौकरीपेशा
लोगो बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं.
कुंभ- कारोबारी वर्ग के
जातकों के लिए समय अनुकूल रहेगा. आपको जबरदस्त धन लाभ के योग हैं. स्वास्थ्य भी
बेहतर होगा.
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