Breaking

✨ "विपरीत परिस्थितियां कुछ लोगों को तोड़ देती हैं, और कुछ लोगों को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार करती हैं" — अक्षय जमदग्नि ... 🌟 "आपका भविष्य आपके आज के फैसलों पर निर्भर करता है, ग्रहों की चाल को अपने पुरुषार्थ से बदलें" ... 🚀 "वास्तु सुधारेगा परिवेश, और विचार बदलेंगे आपका भविष्य" ... 💎 "Astro Vastu Kosh: जहाँ ज्ञान, ऊर्जा और प्रेरणा मिलते हैं" ...

Astro Vastu Kosh - ज्योतिष एवं वास्तु

शुक्रवार, 10 नवंबर 2023

धनतेरस पर भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज झाड़ू से जुड़ी बाते

धनतेरस पर भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज झाड़ू से जुड़ी बाते 

धनतेरस पर भूलकर भी न करें झाड़ू से जुड़ी ये गलतियां वरना मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज


हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है. धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धनवंतरी की उपासना की जाती है.

मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन सोना चांदी, स्टील के बर्तन, गोमती चक्र खरीदना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है.

साथ ही धनतेरस पर एक सस्ती चीज भी खरीदी जाती है वो है झाड़ू. कहते हैं कि धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी धन की बरसात करती हैं. तो आइए जानते हैं कि झाड़ू खरीदते समय किन गलतियों से सावधान रहना चाहिए.

कैसी झाड़ू खरीदें

धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक संपन्नता बढ़ती है. इस दिन कोई भी झाड़ू न खरीद लाएं. इस दिन केवल सीक या फूल वाली झाड़ू ही खरीदें. नई झाड़ू को किचन या बेडरूम के अंदर न रखें. इसे पलंग के नीचे या पैसों की अलमारी के आस-पास न रखें.

घनी झाड़ू खरीदें

झाड़ू खरीदते वक्त ध्यान रहे कि वो पतली या मुरझाई न हो. झाड़ू जितनी ज्यादा घनी होगी, उतना अच्छा होगा. इसकी तीलियां टूटी नहीं होनी चाहिए. इसकी तीलियां साफ-सुथरी और मजबूत होनी चाहिए.

प्लास्टिक वाली झाड़ू

धनतेरस के दिन प्लास्टिक की झाड़ू खरीदने से बचें. इस शुभ अवसर पर प्लास्टिक का सामान खरीदने से भी बचना चाहिए. प्लास्टिक एक अशुद्ध धातु है, जिसकी धनतेरस पर खरीदारी नहीं करनी चाहिए. धनतेरस पर अशुद्ध धातु की खारीदारी फलदायी नहीं मानी जाती है.

झाड़ू लाने के बाद क्या करें

धनतेरस पर नई झाड़ू लाने के बाद उसका सीधे प्रयोग न करने लगें. पहले पुरानी झाड़ू की पूजा करें. फिर नई झाड़ू को कुमकुम और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद ही इसका इस्तेमाल शुरू करें.

क्या आप अपनी कुंडली या घर का वास्तु दिखाना चाहते हैं?
हमारे Facebook Page से जुड़ें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएं।

फेसबुक Page Join करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें