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सोमवार, 2 मार्च 2026

कब करें फाल्गुनी पूर्णिमा व्रत 2026: सही तिथि, चंद्र ग्रहण का प्रभाव और शुभ पूजन मुहूर्त ✨🙏

 

"क्या आप भी फाल्गुनी पूर्णिमा के व्रत की तारीख को लेकर उलझन में हैं? 🌕 जानिए क्यों 3 मार्च नहीं बल्कि 2 मार्च को व्रत रखना है शास्त्र सम्मत. चंद्र ग्रहण के प्रभाव और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी यहाँ देखें. 🙏✨"

फाल्गुनी पूर्णिमा का व्रत इस वर्ष 2 मार्च 2026 को रखना शास्त्रसम्मत माना जा रहा है। तिथि गणना, चंद्रोदय का समय और अगले दिन पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को देखते हुए यह दिन विशेष महत्व रखता है। यदि आप विधिपूर्वक व्रत और पूजन करना चाहते हैं, तो तिथि का सही ज्ञान आवश्यक है।

📅 2 मार्च को व्रत रखना क्यों है उचित

पूर्णिमा व्रत उसी दिन किया जाता है जब सूर्यास्त के समय पूर्णिमा तिथि विद्यामान हो और रात में चंद्रदर्शन संभव हो। इसे प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा कहा जाता है।

तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026 को सायं 5:55 बजे

तिथि समाप्ति: 3 मार्च 2026 को सायं 5:07 बजे

2 मार्च की संध्या को सूर्यास्त के समय पूर्णिमा तिथि प्रभावी रहेगी और पूरी रात बनी रहेगी। यही कारण है कि चंद्रमा को अर्घ्य देना और लक्ष्मी पूजन इसी दिन करना श्रेष्ठ माना गया है।

🌙 चंद्रोदय और अर्घ्य का महत्व

2 मार्च को चंद्रोदय लगभग सायं 5:15 बजे होगा। पूर्णिमा तिथि 5:55 बजे प्रारंभ होगी, इसलिए सूर्यास्त के पश्चात पूर्णिमा प्रभावी रहेगी। रात्रि में चंद्रमा को दूध या जल से अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है।

इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने और लक्ष्मी पूजन करना मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए लाभकारी माना जाता है।

🌑 3 मार्च को व्रत क्यों नहीं

3 मार्च को दोपहर से चंद्र ग्रहण का आरंभ होगा। सूतक काल सुबह से प्रभावी रहेगा। शास्त्रों में ग्रहण काल ​​के दौरान सामान्य पूजा, कथा और मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।

साथ ही पूर्णिमा तिथि सायं 5:07 बजे समाप्त हो जाएगी। इसलिए दोषरहित और शुद्ध पूजा के लिए 2 मार्च का दिन अधिक उपयुक्त है।

🔥 विशेष संयोग का महत्व

फाल्गुनी पूर्णिमा के अगले दिन होलिका दहन और उसी काल में चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समय माना जाता है।

यदि आप 2 मार्च को व्रत रखते हैं तो संध्या में चंद्रदर्शन के बाद अर्घ्य देकर उपवास का पारण कर सकते हैं। इस दिन मंत्र जप, दान और कथा श्रवण से मन को स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

सही तिथि का चयन ही व्रत की सफलता का आधार है। इसलिए 2 मार्च 2026 को फाल्गुनी पूर्णिमा व्रत रखना शास्त्रीय दृष्टि से पूर्णतः उचित और फलदाय रहेगा। 🌕🙏

Akshay Jamdagni, Founder of Astro Vastu Kosh 📍 Muzaffarnagar, UP 📞 [9837376839] 📧 [astrovastukosh@gmail.com]                                                                                                                                                                                                #Panchang #DailyPanchang #Astrology #Vastu  #AstroVastuKosh #Muzaffarnagar #AkshayJamdagni #ProfessionalAstrologer #SuccessTips #VedicWisdom #HomeHarmony #PositiveVibes #Knowledge

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