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शुक्रवार, 19 जून 2026
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आज का पंचांग 20 जून 2026: दोपहर बाद चमकेगी किस्मत, जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
आज का पंचांग 20 जून 2026: दोपहर बाद चमकेगी किस्मत, जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
सुबह की शुरुआत सही निर्णय के साथ करें। आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्रों की व्यावहारिक व्याख्या नीचे प्रस्तुत है:
🌤️ सूर्योदय: सुबह 05:20 👉
🌤️ सूर्यास्त: शाम 07:22 👉
🌤️ विक्रम संवत: 2083 👉 (उत्तर भारत और गुजरात दोनों जगह संवत समान है)
🌤️ मास / पक्ष: ज्येष्ठ मास / शुक्ल पक्ष 👉
🌤️ तिथि: शुक्ल षष्ठी दोपहर 03:47 तक तत्पश्चात शुक्ल सप्तमी 👉
🌤️ नक्षत्र: मघा सुबह 09:25 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी 👉
🌤️ योग: वज्र दोपहर 12:48 तक तत्पश्चात सिद्धि 👉
🌤️ करण: तैतिल दोपहर 03:46 तक तत्पश्चात गर रात्रि 03:27 (21 जून) तक 👉
🌟 आज का विशेष आकर्षण 🌟
✨ आज का व्रत/पर्व: कोई प्रमुख व्रत या पर्व नहीं है (यह एक सामान्य और व्यावहारिक दिन है जो गृहस्थ जीवन के दैनिक कार्यों को निपटाने के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है)।
✨ आज का मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
✨ आज का शुभ रंग: गहरा नीला या पीला (शनि देव और बृहस्पति की संयुक्त अनुकूलता के लिए)।
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केवल तारीख नहीं, आज के समय की ऊर्जा को समझें और अपने कार्यों को सफल बनाएं:
🌤️ 1. नक्षत्र: 👉 मघा (सुबह 09:25 तक)
महत्व: 👉 इसके स्वामी देवता पितर हैं और शासक ग्रह केतु है। यह एक उग्र और राजसी स्वभाव का नक्षत्र है जो नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
सकारात्मक कार्य: 👉 पैतृक संपत्ति से जुड़े मामले, कुलदेवता की पूजा, दान और परंपरागत पारिवारिक कार्यों के संपादन के लिए यह समय उत्तम है।
सावधानी: 👉 इस समय में किसी भी प्रकार के अहंकार, घरेलू विवाद और वरिष्ठों के साथ बहस करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
🌤️ 2. योग: 👉 वज्र (दोपहर 12:48 तक)
महत्व: 👉 ज्योतिष शास्त्र में इसे एक कठोर योग माना जाता है, जो कार्यों की सहजता को प्रभावित करता है।
सकारात्मक कार्य: 👉 इस समय अवधि में केवल आंतरिक आत्मचिंतन, ध्यान, ईश्वर की साधना और मानसिक शक्ति बढ़ाने के अभ्यास करने चाहिए।
सावधानी: 👉 यह योग कार्यों में बाधा, मानसिक तनाव अथवा अनावश्यक टकराव उत्पन्न कर सकता है।
🌤️ 3. करण: 👉 तैतिल (दोपहर 03:46 तक)
महत्व: 👉 तैतिल करण स्थिरता, योजनाबद्ध कार्यों तथा व्यावहारिक निर्णयों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सकारात्मक कार्य: 👉 मकान की मरम्मत, नए गैजेट्स की खरीद और सामान्य दैनिक जिम्मेदारियों को पूरा करना इस समय फलदायी रहेगा।
👉 तत्पश्चात गर (दोपहर 03:46 से रात्रि 03:27 तक): यह करण भूमि, संपत्ति, कृषि, व्यापारिक लेन-देन तथा व्यावहारिक निर्णयों के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल माना जाता है।
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🌤️ अभिजित मुहूर्त: 👉✅ दोपहर 11:53 से दोपहर 12:49 तक (आज दोपहर 12:48 तक वज्र योग प्रभावी होने के कारण इस मुहूर्त में केवल सामान्य और नियमित कार्य ही करें, कोई नया बड़ा जोखिम न लें)।
🌤️ विजय मुहूर्त: 👉✅ दोपहर 02:41 से दोपहर 03:37 तक। (यह समय किसी भी प्रकार के विवाद को सुलझाने, कानूनी चर्चा करने या प्रतियोगी कार्यों में सफलता पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ है)
🌤️ गोधूलि मुहूर्त: 👉✅ शाम 07:21 से शाम 07:41 तक। (इस गोधूलि बेला में की गई पारिवारिक पूजा, दीपदान और संध्या वंदन से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है)
🌤️ रवि योग: 👉✅ सुबह 05:20 से सुबह 09:25 तक। (यह योग सूर्य की विशेष कृपा से युक्त होता है, जो कई छोटे-मोटे दोषों को स्वतः ही नष्ट करके कार्यों में सफलता दिलाता है)
🌤️ अन्य शुभ योग: 👉✅ आज पंचांग में अन्य कोई विशेष सामूहिक शुभ योग निर्मित नहीं हो रहा है।
🌤️ अमृत काल: 👉✅ सुबह 07:06 से सुबह 08:39 तक। (यह समय मंत्र दीक्षा, आध्यात्मिक साधना, ध्यान और मानसिक शांति प्राप्त करने के अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी है)
🌤️ निशिता मुहूर्त: 👉✅ रात्रि 12:01 से रात्रि 12:41 (21 जून) तक। (गुप्त साधनाओं, तंत्र-मंत्र और ईश्वर के विशेष मानसिक जप के लिए इस मध्यरात्रि के समय का बड़ा महत्व है)
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🌤️ राहुकाल: 👉⚠️ सुबह 08:50 से सुबह 10:36 तक। (इस राहुकाल की अवधि में किसी भी नए कार्य का आरंभ, महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर या शुभ यात्रा का प्रारंभ भूलकर भी न करें)
🌤️ यमगण्ड: 👉❌ दोपहर 02:06 से दोपहर 03:51 तक। (इस अशुभ समय में बड़े वित्तीय लेन-देन, नया व्यापारिक निवेश या लंबी दूरी की यात्रा करने से पूरी तरह बचें)
🌤️ गुलिक काल: 👉⚠️ सुबह 05:20 से सुबह 07:05 तक। (इस समय नए शुभ कार्यों का आरंभ सामान्यतः टालना उचित माना जाता है)
🌤️ भद्रा: 👉🚫 आज भद्रा पाताल लोक में स्थित है, जिसका पृथ्वी लोक पर प्रभाव पूरी तरह से शून्य रहेगा, इसलिए भद्रा जनित कोई दोष मान्य नहीं होगा।
🌤️ गण्डमूल: 👉🚫 आज सुबह 05:20 से सुबह 09:25 तक मघा नक्षत्र होने के कारण गंडमूल दोष प्रभावी रहेगा। इस समय अवधि में जन्मे शिशुओं के लिए भविष्य में गंडमूल शांति करवाना आवश्यक होगा।
🌤️ वर्ज्य काल: 👉❌ शाम 05:27 से शाम 07:04 तक। (यह समय नकारात्मक ऊर्जा से युक्त होता है, अतः सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों का इस अवधि में पूर्ण रूप से त्याग करना चाहिए)
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🌤️ दिशा शूल: पूर्व दिशा (आज शनिवार के दिन इस दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है)।
🌤️ सुझाव: 👉 यदि इस दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक और अपरिहार्य हो, तो घर से थोड़ा सा अदरक या उड़द के दाने खाकर ही प्रस्थान करें।
🌤️ अग्निवास: दोपहर 03:46 तक पाताल में स्थित है। अग्निवास की स्थिति के कारण विशेष वैदिक अग्निकर्मों में मुहूर्त विचार आवश्यक माना जाता है।
🌤️ शिववास: दोपहर 03:46 तक नंदी पर स्थित है, जो सामान्य दैनिक पूजा के लिए ठीक है परंतु विशेष कामना पूर्ति हेतु किए जाने वाले रुद्राभिषेक के लिए मध्यम फलदायी है।
🌤️ भद्रावास: भद्रा का निवास स्थान पाताल लोक में है, जिससे भूलोक पर रहने वाले मनुष्यों पर इसका कोई भी नकारात्मक या सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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शनिवार का दिन होने के कारण आज शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं, उसमें थोड़े काले तिल डालें और वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। इसके बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने या उड़द की दाल का दान करें। यह उपाय शनि संबंधी शुभता, मानसिक स्थिरता तथा कार्यक्षेत्र में सकारात्मकता बढ़ाने हेतु परंपरागत रूप से किया जाता है।
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"आज जन्म लेने वाले सभी जातकों तथा विवाह वर्षगांठ मना रहे सभी दंपत्तियों को Astro Vastu Kosh एवं अक्षय जमदग्नि जी की ओर से सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु की मंगलकामनाएं।"
मघा नक्षत्र से पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होने वाला परिवर्तन आज की ऊर्जा को परंपरा और उत्तरदायित्व से निकालकर आनंद, सामाजिक संबंधों और रचनात्मकता की ओर ले जाएगा। प्रातःकाल वज्र योग एवं राहुकाल के कारण नए कार्यों में सावधानी आवश्यक रहेगी, जबकि दोपहर बाद सिद्धि योग महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल अवसर प्रदान करेगा। शनि प्रधान शनिवार होने के कारण धैर्य, अनुशासन और सेवा भाव आज विशेष शुभ फल प्रदान कर सकते हैं।
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ऊपर दी गई गणनाएं सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित हैं। सटीक और व्यक्तिगत समाधान के लिए अपनी निजी कुंडली का विश्लेषण करवाना आवश्यक है। मार्गदर्शन के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
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About Akshay Jamdagni
Welcome to Astro Vastu Kosh. I am Akshay Jamdagni, carrying forward the profound legacy of the Jamdagni lineage through the sacred sciences of Astrology, Vastu, and Numerology. My core mission is to bring light and harmony into the lives of thousands. Having successfully guided numerous families toward peace and prosperity, I am dedicated to empowering you with the motivation and remedies needed to conquer life's challenges. Together, let’s align your stars and spaces to create a life of ultimate satisfaction and success.
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