Breaking

✨ "विपरीत परिस्थितियां कुछ लोगों को तोड़ देती हैं, और कुछ लोगों को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार करती हैं" — अक्षय जमदग्नि ... 🌟 "आपका भविष्य आपके आज के फैसलों पर निर्भर करता है, ग्रहों की चाल को अपने पुरुषार्थ से बदलें" ... 🚀 "वास्तु सुधारेगा परिवेश, और विचार बदलेंगे आपका भविष्य" ... 💎 "Astro Vastu Kosh: जहाँ ज्ञान, ऊर्जा और प्रेरणा मिलते हैं" ...

शनिवार, 9 अप्रैल 2022

श्री रामनवमी 2022: मुहूर्त धार्मिक कथा और भगवान राम को राशि अनुसार अर्पित करें प्रसाद मिलेगी सुख समृद्धि

श्री रामनवमी 2022: मुहूर्त धार्मिक कथा और भगवान राम को राशि अनुसार अर्पित करें प्रसाद मिलेगी सुख समृद्धि

श्री रामनवमी 2022: मुहूर्त धार्मिक कथा और भगवान राम को राशि अनुसार अर्पित करें प्रसाद  मिलेगी सुख समृद्धि
श्री रामनवमी 2022: मुहूर्त धार्मिक कथा और भगवान राम को राशि अनुसार अर्पित करें प्रसाद  मिलेगी सुख समृद्धि


चैत्र नवमी जिसे रामनवमी के नाम से भी जाना जाता है सनातन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक होता है। इस दिन को भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का जन्म अयोध्या में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राजा दशरथ और रघुकुल की रानी कौशल्या के घर में हुआ था।
रामनवमी का उत्सव बेहद ही भक्ति भाव और आनंद के साथ भव्य रूप में मनाया जाता है। इस दौरान लोग व्रत उपवास करते हैं, भक्ति गीत गाते हैं, और भगवान राम के साथ साथ नौ कन्याओं को हलवा पूरी खीर और फल मिठाइयां का आदि अर्पित करते हैं। नौ कन्याओं को या यूं कहिए छोटी कन्याओं को माँ दुर्गा का रूप माना जाता है। इस दिन हम देवी सिद्धिदात्री की भी पूजा करते हैं।

राम नवमी 2022: मुहूर्त

भारत में दिनांक: रविवार, 10 अप्रैल, 2022

नवमी तिथि शुरू- 10 अप्रैल, 2022 को दोपहर 01 बजकर 25 मिनट से

नवमी तिथि समाप्त- 11 अप्रैल, 2022 को सुबह 03 बजकर 17 मिनट तक

भगवान राम जन्म मुहूर्त- सुबह 11:06 बजे से दोपहर 01:39 बजे तक

अवधि- 02 घंटे 33 मिनट

राम नवमी 2022: ध्यान रखने योग्य बातें


इस दिन ब्रह्मा मुहूर्ता उठकर गंगा नदी में स्नान करें। हालांकि यदि ऐसा संभव ना हो तो अपने नहाने के पानी में ही थोड़ा सा गंगाजल डाल लें और उससे स्नान कर लें।
इसके बाद भगवान राम और देवी दुर्गा की पूजा करें। देवी दुर्गा की पूजा इसलिए क्योंकि भगवान राम ने भी युद्ध के मैदान में जीत के लिए देवी दुर्गा की उपासना की थी।
इस दिन कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें फल और उपहार देकर विदा करें।
राम रक्षा स्त्रोत, राम मंत्र, और रामायण के बालकांड का पाठ करें।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा


राम नवमी 2022: धार्मिक कथा

रामायण के शास्त्रों के अनुसार बताया जाता है कि, त्रेता युग के दौरान अयोध्या के राजा दशरथ अपनी तीन पत्नियों कौशल्या, केकई, और सुमित्रा के साथ रहते थे। उनके शासनकाल के दौरान अयोध्या महान समृद्धि के दौर में पहुंच चुका था। हालांकि तमाम समृद्धि के बावजूद राजा दशरथ के जीवन में एक बड़ा दुख निरंतर बना हुआ था। यह दुःख था संतान हीन होने का दुख। राजा दशरथ की कोई संतान नहीं थी और इसलिए रघुकुल में सिंहासन का कोई भी उत्तराधिकारी नहीं था।

एक दिन उन्होंने वांछित संतान प्राप्त करने के लिए ऋषि वशिष्ठ के सुझाव पर पुत्रकामेश्ती यज्ञ किया। इस यज्ञ को एक बेहद ही पवित्र संत ऋषि ऋष्यशृंग ने संपन्न कराया था। इस यज्ञ के परिणाम स्वरुप अग्निदेव राजा दशरथ के सामने प्रकट हुए और उन्हें दिव्य खीर/ पायसम का एक कटोरा प्रदान किया।

उन्होंने राजा दशरथ से खीर को अपनी तीनों पत्नियों के बीच बाँट देने की बात कही। ऐसे में राजा दशरथ ने आदेश का पालन किया और आधी खीर अपनी बड़ी पत्नी कौशल्या को और आधी खीर अपनी दूसरी पत्नी केकई को दे दी। इन दोनों ही रानियों ने अपनी खीर का कुछ हिस्सा रानी सुमित्रा को भी दे दिया।
चैत्र महीने में नौवें दिन यानी नवमी तिथि पर कौशल्या ने राम को, केकई ने भरत को और सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। तभी से इस दिन को रामनवमी के रूप में पूरे विश्व में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने की परंपरा की शुरुआत हुई।

राम नवमी 2022: क्या करें और क्या न करें

सूर्योदय से पहले उठकर गंगा नदी में स्नान करें। यदि ऐसा संभव नहीं है तो नहाने के पानी में ही थोड़ा सा गंगा जल डाल सकते हैं। इससे आपके पिछले जन्म के सभी पाप अवश्य धुल जाएंगे।
भगवान राम की पूजा करें।
इस दिन कन्याओं को भोजन कराएं और फल और उपहार दें।
माता रानी को लाल चुनरी, लाल कपड़े, श्रृंगार की सामग्री, और हलवा पूरी जैसी चीजें चढ़ाएं। ऐसा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्ते लगाएं।
इस दिन क्रोध और क्रूरता से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
शराब या किसी भी तरह का तामसिक भोजन का सेवन ना करें।
घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
इस अवधि के दौरान ब्रह्मचर्य बनाए रखना बेहद शुभ रहता है।

राम नवमी 2022 पर भगवान राम को राशि अनुसार अर्पित करें प्रसाद


मेष राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को अनार या गुड़ की मिठाई का भोग लगाएं।

वृष राशि- सफेद रंग का रसगुल्ला भगवान राम और मां दुर्गा को अर्पित करें।

मिथुन राशि– भगवान राम और मां दुर्गा को मीठा पान अर्पित करें।

कर्क राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को खीर का भोग लगाएं।

सिंह राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को मोती चूर के लड्डू या बेल फल का भोग लगाएं।

कन्या राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को हरे रंग का फल चढ़ाएं।

तुला राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को काजू कतली मिठाई का भोग लगाएं।

वृश्चिक राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को हलवा-पूरी का भोग लगाएं।

धनु राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को बेसन का हलवे या मिठाई का भोग लगाएं।

मकर राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को सूखे मेवे का भोग लगाएं।

कुम्भ राशि- काले अंगूर और चना-हलवा भगवान राम और मां दुर्गा को अर्पित करें।

मीन राशि- भगवान राम और मां दुर्गा को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

चैत्र राम नवमी 2022: नवरात्रि 2022 पारणा

चैत्र नवरात्रि का पारण तब किया जाता है जब नवमी तिथि समाप्त हो जाती है और दशमी तिथि प्रबल होती है। जैसा कि हमारे शास्त्रों में उल्लेखित है प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्रि का उपवास किया गया है और इस दिशा निर्देश का पालन करने के लिए चैत्र नवरात्रि उपवास पूरे नवमी तिथि तक किया जाना अनिवार्य होता है।

चैत्र नवरात्रि पारण का समय इस वर्ष 11 अप्रैल, 2022 सुबह 6:00 बजे के बाद रहेगा।
चैत्र श्री राम नवमी की ढेरों शुभकामनाएँ!

क्या आप अपनी कुंडली या घर का वास्तु दिखाना चाहते हैं?
हमारे Facebook Page से जुड़ें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएं।

फेसबुक Page Join करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें