गुरु पूर्णिमा पर बन रहे 4 राजयोग आप की कुंडली के गुरु के दोष का उपाय और महत्व
![]() |
| गुरु पूर्णिमा पर बन रहे 4 राजयोग आप की कुंडली के गुरु के दोष का उपाय और महत्व |
हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्योतिष में गुरु को भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति के रूप में माना गया है | आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस वर्ष 2022 में यह तिथि 13 जुलाई, 2022 को पड़ रही है। इस दिन विशेष रूप से गुरु की पूजा की जाती है । हमने एकलव्य और भगवान परशुराम की कहानियां भी सुनी हैं, जिनमें गुरुओं के प्रति उनके सम्मान और सच्ची निष्ठा को दर्शाया गया है। संत कबीर ने भी कहा है कि,
![]() |
| गुरु पूर्णिमा पर बन रहे 4 राजयोग आप की कुंडली के गुरु के दोष का उपाय और महत्व |
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय|
बलिहारी गुरु आपने| गोविंद दियो बताय||
अर्थात: जब गुरु और गोविंद यानी कि भगवान एक साथ खड़े हों तो पहले किसे प्रणाम करना चहिए? ऐसी स्थिति में गुरु के चरण पहले स्पर्श करने चाहिए क्योंकि गुरु के ज्ञान से ही भगवान के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कबीर दास जी का यह दोहा सिर्फ़ एक दोहा नहीं है बल्कि हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व का सार भी है।
![]() |
| गुरु पूर्णिमा पर बन रहे 4 राजयोग आप की कुंडली के गुरु के दोष का उपाय और महत्व |
गुरु पूर्णिमा का महत्व
पौराणिक काल के महान व्यक्तित्व महर्षि वेदव्यास जी, जिन्हें ब्रह्मसूत्र, महाभारत, श्रीमद्भागवत और अट्ठारह पुराण जैसे अद्भुत साहित्यों का रचयिता भी माना जाता है, उनका जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को हुआ था। कहा जाता है कि मनुष्य को सबसे पहले वेदों की शिक्षा महर्षि वेदव्यास ने ही दी थी, इसलिए हिन्दू धर्म में उन्हें प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है। यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार गुरु पूर्णिमा का वर्णन
हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, महर्षि वेदव्यास पराशर ऋषि के पुत्र थे तथा वे तीनों लोकों के ज्ञाता थे। उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से यह जान लिया था कि कलयुग में लोगों के अंदर धर्म के प्रति आस्था कम हो जाएगी, जिसके कारण मनुष्य नास्तिक, कर्तव्य से विमुख और अल्पायु हो जाएगा इसलिए महर्षि वेदव्यास ने वेद को चार भागों में विभाजित कर दिया ताकि जो लोग बुद्धि से कमज़ोर हैं या जिनकी स्मरण शक्ति कमज़ोर है, वे लोग भी वेदों का अध्ययन कर लाभान्वित हो सकें।
व्यास जी ने वेदों को अलग-अलग करने के बाद उनका नाम क्रमशः ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद रखा। वेदों को इस प्रकार विभाजित करने के कारण जी वे वेदव्यास के नाम से प्रसिद्ध हुए। इसके बाद उन्होंने इन चारों वेदों का ज्ञान अपने प्रिय शिष्यों वैशम्पायन, सुमन्तुमुनि, पैल और जैमिन को दिया।
वेदों में मौजूद ज्ञान अत्यंत रहस्यमयी और कठिन था, इसलिए वेद व्यास जी ने पांचवें वेद के रूप में पुराणों की रचना की, जिनमें वेदों के ज्ञान को रोचक कहानियों के रूप में समझाया गया है। उन्होंने पुराणों का ज्ञान अपने शिष्य रोमहर्षण को दिया। इसके बाद वेदव्यास जी के शिष्यों ने अपनी बुद्धि के बल पर वेदों को अनेक शाखाओं और उप-शाखाओं में विभाजित किया। वेदव्यास जी हमारे आदि-गुरु भी माने जाते हैं, इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन हमें अपने गुरुओं को वेदव्यास जी का अंश मानकर, उनकी पूजा करनी चाहिए।
![]() |
| गुरु पूर्णिमा पर बन रहे 4 राजयोग आप की कुंडली के गुरु के दोष का उपाय और महत्व |
गुरु पूर्णिमा 2022: तिथि व समय
दिनांक: 13 जुलाई, 2022
दिन: बुधवार
हिंदी महीना: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पूर्णिमा
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 13 जुलाई, 2022 को 04:01:55 से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 जुलाई, 2022 को 00:08:29 तक
गुरु पूर्णिमा पूजन विधि
इसके बाद वेदव्यास जी को रोली, चंदन, फूल, फल और प्रसाद आदि अर्पित करें।
गुरु पूर्णिमा के दिन वेदव्यास जी के साथ-साथ शुक्रदेव और शंकराचार्य आदि गुरुओं का भी आह्वान करें और ‘गुरुपरंपरा सिद्धयर्थं व्यास पूजां करिष्ये’ मंत्र का जाप करें।
इस दिन केवल गुरु का ही नहीं बल्कि परिवार में आपसे जो भी बड़ा है मतलब कि माता-पिता, भाई-बहन आदि को गुरु तुल्य मानकर उनका सम्मान करें तथा आशीर्वाद लें।
गुरु पूर्णिमा के दिन कुंडली में गुरु की स्थिति को मजबूत करने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय
जिन छात्रों की पढ़ाई में बाधाएं आ रही हैं या मन भ्रमित हो रहा है, उन्हें गुरु पूर्णिमा के दिन गीता पढ़नी चाहिए। यदि गीता पाठ करना संभव न हो तो गाय की सेवा करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पढ़ाई में आ रही समस्याएं दूर होती हैं।
धन प्राप्ति के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की जल में मीठा जल चढ़ाएं। मान्य है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन पति और पत्नी दोनों मिलकर चंद्र दर्शन करें और चंद्रमा को दूध का अर्घ्य दें।
सौभाग्य की प्राप्ति के लिए गुरु पूर्णिमा की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं।
गुरु पूर्णिमा के दिन हो रहा है एन्द्र योग का निर्माण
मान्यताओं के अनुसार, यदि आपका कोई काम राज्य पक्ष से रुका हुआ है तो एन्द्र योग में प्रयास करने से सफलता प्राप्त होती है। ऐसे प्रयास केवल सुबह, दोपहर और शाम तक ही करने चाहिए।
एन्द्र योग आरंभ: 12 जुलाई, 2022 की शाम 04 बजकर 58 मिनट से
एन्द्र योग समाप्त: 13 जुलाई, 2022 की दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक
गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) यानी गुरु की पूजा का दिन. गुरु हमारे जीवन के मार्गदर्शक हैं, तो कुंडली में गुरु के प्रबल होने पर कार्यों में सफलता, यश और कीर्ति प्राप्त होती है. गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के आशीर्वाद और गुरु ग्रह को मजबूत करके स्वयं की तरक्की करने का शुभ अवसर है. कुंडली में यदि गुरु दोष (Guru Dosh) है, तो फिर कार्य का यश नहीं मिलता है, न ही जीवन में तरक्की हो पाती है. इस साल गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई दिन बुधवार को है. आप इस दिन कुछ ज्योतिष उपायों की मदद से गुरु ग्रह को मजबूत कर सकते हैं. पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं गुरु पूर्णिमा पर गुरु ग्रह को मजबूत करने के उपायों के बारे में.
कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
गुरु पूर्णिमा 2022 मुहूर्त
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 13 जुलाई, बुधवार, सुबह 04:00 बजे से
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा तिथि का समापन: 13 जुलाई, गुरुवार, देर रात 12 बजकर 06 मिनट पर
इंद्र योग: प्रात:काल से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: सुबह से रात 11 बजकर 18 मिनट तक
गुरु पूर्णिमा पर 4 राजयोग, इस मुहूर्त का गुरु मंत्र बनाएगा सर्वत्र विजयी
राजयोग: शश, रुचक, हंस और भद्र, बुधादित्य योग भी
भगवान विष्णु की करें पूजा: गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष विधान है। इसलिए भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान उन्हें पीले फूल, फल, अक्षत्, चंदन, पंचामृत, तुलसी के पत्ते, बेसन के लड्डू आदि अर्पित करें। ऐसा करने आपको भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।
गुरु दोष निवारण उपाय
1. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आप अपने गुरु को घर पर आमंत्रित करें. शुभ मुहूर्त में उनका पूजन करें. भोजन कराएं और उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें. ऐसा करने से गुरु दोष दूर होगा और ईश्वर की कृपा भी आपको प्राप्त होगी क्योंकि गुरु को ईश्वर से भी पहले स्थान प्राप्त है.
2. गुरु पूर्णिमा के दिन आप भगवान विष्णु की पूजा शुभ समय में करें. भगवान श्रीहरि को पीले फूल, फल, अक्षत्, चंदन, पंचामृत, तुलसी के पत्ते, बेसन के लड्डू आदि अर्पित करें. विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें. फिर आरती करें. उसके बाद श्रीहरि से जीवन में तरक्की और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
3. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आप किसी गरीब ब्राह्मण को देव गुरु बृहस्पति का स्वरूप मानकर पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़, घी, हल्दी, केसर, सोना, पीतल के बर्तन आदि दान कर सकते हैं. ऐसा करने से गुरु दोष दूर होता है.
4. गुरु दोष से मुक्ति पाने का सबसे आसान उपाय है देव गुरु बृहस्पति की पूजा करें. गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के समान ही बृहस्पति देव की पूजा करें और बृहस्पति चालीसा का पाठ करें. आपके जीवन में उन्नति होगी.
5. गुरु दोष को दूर करने का एक उपाय गुरु के मंत्र का जाप करना है. गुरु ग्रह के मंत्र ओम बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें. यह भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है.
6. देव गुरु बृहस्पति की कृपा पाने और गुरु दोष को दूर करने के लिए आप गुरु यंत्र की स्थापना अपने पूजा स्थान पर कराएं. फिर उसकी नियमित पूजा करें.
Download
🔮 Astro Vastu Kosh
Strategic Clarity by Akshay Jamdagni
📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom
💥 👨👩👧👦 आपके एक गलत फैसले का असर केवल आप पर नहीं, पूरे परिवार पर पड़ सकता है। 💥
🛑 सही समय, सही दिशा और सही निर्णय जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कई बार जल्दबाज़ी, भ्रम या प्रतिकूल समय में लिया गया निर्णय आर्थिक, व्यावसायिक, पारिवारिक और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दैनिक कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy), ग्रहों के गोचर, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय को समझना अत्यंत आवश्यक है।
🔮 २७+ वर्षों के अनुभव से तैयार सटीक वैदिक पंचांग, दैनिक राशिफल, गोचर विश्लेषण और ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रतिदिन सबसे पहले प्राप्त करने के लिए अभी जुड़ें:
• 🟢 WhatsApp Channel: रोज सुबह सटीक पंचांग, राशिफल और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अपडेट प्राप्त करें।
👉 यहाँ क्लिक करके Follow करें
• 👥 Facebook Page: दैनिक वैदिक ज्ञान, ज्योतिषीय विश्लेषण, राशिफल और विशेष आध्यात्मिक सामग्री के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Like करें
• 💼 LinkedIn: व्यावसायिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन, करियर काउंसिलिंग और कॉरपोरेट वास्तु विश्लेषण के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Connect करें
⚠️ व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श (Paid Consultation)
दैनिक राशिफल और गोचर केवल सामान्य संकेत प्रदान करते हैं, लेकिन आपके जीवन, करियर, व्यापार, धन, विवाह, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।
📿 २७+ वर्षों के अनुभव के साथ गहन, प्रामाणिक और व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिषीय परामर्श हेतु:
✍️ Astro Vastu Kosh Newsletter
👉 अपनी ईमेल दर्ज करें और विशेष वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण, गहन लेख तथा परामर्श संबंधी अपडेट प्राप्त करें:
👉 परामर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए यहाँ क्लिक करें




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें