इस वर्ष बेहद खास सावन इस बार 4 सोमवार पर 7 विशेष योग बन रहे है राशि अनुसार करें उपाय
![]() |
| इस वर्ष बेहद खास सावन इस बार 4 सोमवार पर 7 विशेष योग बन रहे है राशि अनुसार करें उपाय |
वैसे तो सावन का पूरा ही महीना बेहद खास होता है लेकिन इस बार सावन के महीने में 4 सोमवार पर बन रहा है कोई ना कोई बेहद खास योग, आने वाले सोमवार का सबसे अधिक महत्व बताया गया है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने, उनका रुद्राभिषेक या जलाभिषेक करने से उनकी प्रसन्नता हासिल की जा सकती है।
सावन सोमवार 2022 (Sawan Somwar 2022)
सबसे पहले बात करें सावन सोमवार के शुरू होने की तो सावन का महीना वर्ष 2022 में हिंदू
कैलेंडर के अनुसार 14 जुलाई,
2022 यानी गुरुवार के
दिन से प्रारंभ हो रहा है। ऐसे में 18 जुलाई को सावन का पहला सोमवार पड़ेगा। इसके बाद 12 अगस्त 2022 को सावन का महीना समाप्त हो जाएगा। इसके
बाद भाद्रपद का महीना शुरू हो जाता है।
सावन महीने में पड़ने वाले सभी सोमवार व्रत तिथियों की सूची
18 जुलाई, सोमवार-
सावन सोमवार व्रत
25 जुलाई, सोमवार-
सावन सोमवार व्रत
01 अगस्त, सोमवार-
सावन सोमवार व्रत
08 अगस्त, सोमवार-
सावन सोमवार व्रत
सावन के पहले सोमवार पर बन रहा है विशेष योग
सावन के पहले सोमवार को और भी खास बनाने के लिए इस दिन शोभन योग का
दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि इस शुभ योग में व्रत और
पूजा अनुष्ठान करने पर स्वयं भगवान शिव जातकों पर सौभाग्य की वर्षा करते हैं।
सावन माह और सावन सोमवार व्रत का महत्व
जैसा कि हमने पहले भी बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को बेहद ही प्रिय
होता है। ऐसे में यह समय उनकी पूजा भक्ति और साधना के लिए सबसे पवित्र और
प्रभावशाली माना गया है। इसके अलावा कहा जाता है कि माँ पार्वती ने सावन माह में
ही व्रत किया था जिससे उन्हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे।
सावन के महीने में विशेष तौर पर उन महिलाओं को व्रत और पूजा करने की सलाह
दी जाती है जिनके वैवाहिक जीवन में परेशानी हो, जीवन में सुख समृद्धि की कमी हो। इसके
अलावा इस दौरान यदि अविवाहित युवतियां व्रत रखें तो उन्हें योग्य वर की प्राप्ति
भी होती है।
सावन का व्रत यदि पुरुष रखते हैं तो उन्हें दैहिक, दैविक, और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। ऐसे
में सावन का महीना किसी ना किसी मायने में हर एक व्यक्ति के लिए बेहद ही खास और
पवित्र होता है।
मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि जो कोई भी व्यक्ति श्रावण के सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करते हैं ऐसे साधकों को 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष हर सावन सोमवार है बेहद खास: बन रहा है कोई ना कोई योग
वर्ष 2022 में चार
सावन सोमवार व्रत किए जाएंगे। अपने आप में यह सावन सोमवार खास तो होते ही हैं।
हालांकि इस वर्ष इन तिथियों को और भी ज्यादा शुभ और फलदाई बनाने के लिए हर एक तिथि
पर कोई ना कोई शुभ योग भी बन रहा है। तो आइए जान लेते हैं किस दिन कौन सा योग
बनेगा।
#1 सावन के पहले सोमवार यानी 18 जुलाई के दिन पंचमी तिथि है, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र रहेगा, और इस दिन शोभन योग का संयोग बन रहा है।
#2 सावन का दूसरा सोमवार 25 जुलाई को होगा। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र रहने वाला है जिससे भगवान शिव का
सबसे प्रिय नक्षत्र माना गया है, इसके अलावा इस दिन प्रदोष और ध्रुव योग बन रहा है।
#3 इसके बाद तीसरा सावन सोमवार का व्रत 1 अगस्त को किया जाएगा। इस दिन चतुर्थी
तिथि रहेगी, पूर्वाफाल्गुनी
नक्षत्र रहेगा, और इस
दिन परिधि योग का संयोग बन रहा है।
#4 सावन का चौथा और आखिरी सोमवार 8 अगस्त को पड़ेगा। इस दिन एकादशी तिथि रहेगी, जिसे भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है,
ज्येष्ठा नक्षत्र
रहेगा और वैधृति योग का संयोग बनेगा।
महत्वपूर्ण बात: इस वर्ष 26 जुलाई के दिन श्रावण मास की शिवरात्रि मनाई जाएगी। 1 वर्ष में यूं तो
कुल 12
शिवरात्रि तिथि पड़ती है। हालांकि इनमें से फाल्गुन मास और श्रावण मास की
शिवरात्रि को सबसे अधिक फल देने वाली और महत्वपूर्ण माना गया है।
सावन शिवरात्रि व्रत 26 जुलाई मंगलवार पूजा का मुहूर्त
निशिता काल पूजा मुहूर्त- 26 जुलाई , मंगलवार
को शाम 6 बजकर 46 मिनट से होगी और
27 जुलाई 2022 की रात 09 बजकर 11 मिनट तक रहेगी.
पूजा अवधि- मात्र 43 मिनट तक रहेगी
शिवरात्रि व्रत पारण मुहूर्त- 27 जुलाई 2022 की सुबह
05 बजकर 41 मिनट से – दोपहर
3 बजकर 52 मिनट तक रहेगा
सावन सोमवार की सही पूजा विधि
व्रत करना चाहते हैं तो व्रत का संकल्प लें या पूजा का संकल्प लें।
पूजा शुरू करें और सबसे पहले सभी देवी देवताओं को गंगाजल से स्नान कराएं।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
इसके बाद भगवान शिव को अक्षत, सफेद फूल, सफेद
चंदन, भांग,
धतूरा, गाय का दूध,
धूप, दीप, पंचामृत, सुपारी, और उनका सबसे
प्रिय बेलपत्र चढ़ाएं।
इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें।
भगवान शिव का ध्यान करें।
अंत में भगवान शिव की आरती उतारें।
पूजा में शामिल किए गए भोग को स्वयं भी प्रसाद रूप में ग्रहण करें और
ज्यादा से ज्यादा लोगों में वितरित करें।
सावन के महीने में भूलकर भी ना करें यह काम
सावन के महीने में बैंगन खाना वर्जित माना जाता है।
सावन के महीने में क्योंकि दूध से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं ऐसे में
विशेष तौर पर इस महीने किसी भी तरह से दूध का अनादर ना करें।
शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए।
सावन के महीने में शरीर पर तेल लगाने से बचें।
विशेष तौर पर इस महीने में गाय बैल और अन्य किसी भी जानवर को प्रताड़ित
ना करें। इस महीने गाय या बैल को मारना भगवान शिव को अप्रसन्न कर सकता है क्योंकि
इसे नंदी के अपमान के समान माना गया है।
भगवान शिव की पूजा में कभी भी केतकी का फूल शामिल ना करें।
सावन महीने में राशि अनुसार ये उपाय
मेष राशि: जल में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।
वृषभ राशि: दही से भगवान शिव का अभिषेक करें।
मिथुन राशि: गन्ने के रस से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करें।
कर्क राशि: घी से भगवान शिव का अभिषेक करें।
सिंह राशि: जल में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।
कन्या राशि: गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें।
तुला राशि: इत्र या सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करें।
वृश्चिक राशि: पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक करें।
धनु राशि: दूध में हल्दी मिलाकर इस से भगवान शिव का अभिषेक करें।
मकर राशि: नारियल पानी से भगवान शिव का अभिषेक करें।
कुंभ राशि: तिल के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करें।
मीन राशि: दूध में केसर मिलाकर इस से भगवान शिव का अभिषेक करें।
सावन के महीने में भगवान शिव इन 3 राशियों पर रहेंगे विशेष मेहरबान:
मेष राशि, मकर राशि, और मिथुन राशि, यह तीन ऐसी राशियां है जिन्हें सावन के महीने में भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होने वाला है। इस दौरान कार्यक्षेत्र, पारिवारिक जीवन, प्रेम जीवन, और आर्थिक पक्ष इन 3 राशियों का बेहद ही शानदार रहने वाला है। इस दौरान आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और हर क्षेत्र में सफलता भी प्राप्त होगी।
Download
🔮 Astro Vastu Kosh
Strategic Clarity by Akshay Jamdagni
📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom
💥 👨👩👧👦 आपके एक गलत फैसले का असर केवल आप पर नहीं, पूरे परिवार पर पड़ सकता है। 💥
🛑 सही समय, सही दिशा और सही निर्णय जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कई बार जल्दबाज़ी, भ्रम या प्रतिकूल समय में लिया गया निर्णय आर्थिक, व्यावसायिक, पारिवारिक और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दैनिक कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy), ग्रहों के गोचर, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय को समझना अत्यंत आवश्यक है।
🔮 २७+ वर्षों के अनुभव से तैयार सटीक वैदिक पंचांग, दैनिक राशिफल, गोचर विश्लेषण और ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रतिदिन सबसे पहले प्राप्त करने के लिए अभी जुड़ें:
• 🟢 WhatsApp Channel: रोज सुबह सटीक पंचांग, राशिफल और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अपडेट प्राप्त करें।
👉 यहाँ क्लिक करके Follow करें
• 👥 Facebook Page: दैनिक वैदिक ज्ञान, ज्योतिषीय विश्लेषण, राशिफल और विशेष आध्यात्मिक सामग्री के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Like करें
• 💼 LinkedIn: व्यावसायिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन, करियर काउंसिलिंग और कॉरपोरेट वास्तु विश्लेषण के लिए जुड़ें।
👉 यहाँ क्लिक करके Connect करें
⚠️ व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श (Paid Consultation)
दैनिक राशिफल और गोचर केवल सामान्य संकेत प्रदान करते हैं, लेकिन आपके जीवन, करियर, व्यापार, धन, विवाह, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।
📿 २७+ वर्षों के अनुभव के साथ गहन, प्रामाणिक और व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिषीय परामर्श हेतु:
✍️ Astro Vastu Kosh Newsletter
👉 अपनी ईमेल दर्ज करें और विशेष वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण, गहन लेख तथा परामर्श संबंधी अपडेट प्राप्त करें:
👉 परामर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए यहाँ क्लिक करें

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें