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| Shiv with shivling |
महर्षि वसिष्ठ विरचितं दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्रं
दरिद्रय दहन शिव स्तोत्र नाम से ही स्पष्ट है कि दरिद्रय दहन स्तोत्र दरिद्रता अर्थात धन की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। इस स्तोत्र की रचना महर्षि वशिष्ठ ने की है। इसके पाठ करने से शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस स्तोत्र का नित्य पाठ करना शुभ माना जाता है, यह श्लोक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस स्त्रोत में भगवान शिव की स्तुति की गई है। यह धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इस स्तोत्र के पाठ से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
विश्वेशराय नरकार्ण अवतारणाय,
कर्णामृताय शशिशेखर धारणाय।
कर्पूरकान्ति धवलाय,जटाधराय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
गौरी प्रियाय रजनीश कलाधराय,
कलांतकाय भुजगाधिप कंकणाय।
गंगाधराय गजराज विमर्दनाय,
द्रारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
भक्तिप्रियाय भवरोग भयापहाय,
उग्राय दुर्ग भवसागर तारणाय।
ज्योतिर्मयाय गुणनाम सुनृत्यकाय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
चर्माम्बराय शवभस्म विलेपनाय,
भालेक्षणाय मणिकुंडल-मण्डिताय।
मँजीर पादयुगलाय जटाधराय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
पंचाननाय फणिराज विभूषणाय,
हेमांशुकाय भुवनत्रय मंडिताय।
आनंद भूमि वरदाय तमोमयाय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
भानुप्रियाय भवसागर तारणाय,
कालान्तकाय कमलासन पूजिताय।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षण लक्षिताय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
रामप्रियाय रधुनाथ वरप्रदाय,
नाग प्रियाय नरकार्ण अवताराणाय।
पुण्येषु पुण्य भरिताय सुरार्चिताय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय,
गीतप्रियाय वृषभेश्वर वाहनाय।
मातंग चर्म वसनाय महेश्वराय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।
वसिष्ठेन कृतं स्तोत्रं सर्व रोग निवारणम्
सर्व संपत् करं शीघ्रं पुत्र पौत्रादि वर्धनम्।।
शुभदं कामदं ह्दयं धनधान्य प्रवर्धनम्
त्रिसंध्यं यः पठेन् नित्यम् स हि स्वर्गम् वाप्युन्यात्।।
।। इति श्री महर्षि वसिष्ठ विरचितं दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्रं संपूर्णम् ।।
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| Lord Shiv in Samadhi |
दरिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् पाठ के लाभ | Benefits of Daridraya Dahan Shiv Stotram
दरिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् के पाठ से अनेक लाभ होते हैं। इसके निम्न लाभ हैं:
दरिद्रता का नाश – दारिद्र दहन शिव स्तोत्रम भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत लाभकारी है। प्रतिदिन इस स्तोत्र का पाठ करने से शिव प्रसन्न होते है जिससे दरिद्रता का नाश होता है। अर्थात भूखा व्यक्ति कोई भी पाप कर सकता है। यदि आप भी दरिद्रता से परेशान और आप अपने घर से दरिद्रता को नष्ट करना चाहते हैं, तो प्रति दिन दारिद्र्य दहन शिव स्त्रोत को पढ़ना अथवा श्रवण करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में इसका पाठ सर्वोत्तम मन गया है परन्तु भक्ति भाव से इसका पाठ कभी भी किया जाए सकता है |
आत्मविश्वास – इस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति के मन में संशयों की भावना कम होती है और वह आत्मविश्वास से जीवन को आगे बढ़ाता है।
शिव कृपा की प्राप्ति – इस स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन में शांति, सफलता, समृद्धि और समस्त संशयों से मुक्ति मिलती है।
इसका पाठ भगवान शिव की पूजा और उनकी महिमा के गुणगान के लिए किया जाता है। दारिद्र दहन शिव स्तोत्रम का पाठ किसी भी समय और किसी भी स्थान पर किया जा सकता है। यह श्लोक संग्रह हिंदू धर्म के विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपयोग किया जाता है।
॥ इति महर्षिकसिष्ठविरचितं दाखियदहनशिवस्तोत्रं सम्पूर्णम्॥


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