Breaking

✨ "विपरीत परिस्थितियां कुछ लोगों को तोड़ देती हैं, और कुछ लोगों को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार करती हैं" — अक्षय जमदग्नि ... 🌟 "आपका भविष्य आपके आज के फैसलों पर निर्भर करता है, ग्रहों की चाल को अपने पुरुषार्थ से बदलें" ... 🚀 "वास्तु सुधारेगा परिवेश, और विचार बदलेंगे आपका भविष्य" ... 💎 "Astro Vastu Kosh: जहाँ ज्ञान, ऊर्जा और प्रेरणा मिलते हैं" ...

Astro Vastu Kosh - ज्योतिष एवं वास्तु

बुधवार, 13 जुलाई 2022

बेलपत्र भगवान शिव को है अति प्रिय सावन में बेलपत्र चढ़ाने से सिद्ध होंगे कार्य

बेलपत्र भगवान शिव को है अति प्रिय सावन में बेलपत्र चढ़ाने से सिद्ध होंगे कार्य 

बेलपत्र भगवान शिव को है अति प्रिय सावन में बेलपत्र चढ़ाने से सिद्ध होंगे कार्य
बेलपत्र भगवान शिव को है अति प्रिय सावन में बेलपत्र चढ़ाने से सिद्ध होंगे कार्य 


हिंदू धर्म की एक मान्यता के अनुसार बेलपत्र के तीन जुड़े हुए पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव को शांति मिलती है और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।  सावन का महीना शीघ्र ही आरंभ होने वाला है। 14 जुलाई से सावन आरंभ होने वाला है। भगवान भोलेनाथ को यह महीना प्रिय होता है। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की आरधना की जाती है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वास्तु अर्पित की जाती हैं। इसीलिए पूजा में हम भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र भी अर्पित करते हैं। बेलपत्र के पत्ते भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं, इसलिए भगवान शिव की पूजा अर्चना में यदि बेलपत्र नहीं चढ़ाया तो वह अधूरी मानी जाती है। बेलपत्र के तीन पत्ते जो आपस में जुड़े होते हैं, पवित्र माने जाते हैं। तीन पत्ते आपस में जुड़े हुए हैं इसलिए इन तीन पत्तों को त्रिदेव माना जाता है और कुछ का मानना है कि तीन पत्ते महादेव के त्रिशूल का प्रतिनिधित्व करते हैं। मान्यता है कि बेलपत्र के तीन जुड़े हुए पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव को शांति मिलती है और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। यदि भगवान शिव को प्रेम से केवल बेलपत्र के पत्ते चढ़ाए जाते हैं, तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाने के नियम और लाभ।  जिसे शिवलिंग पर चढ़ाने के अलग नियम है....आइए जानते है

Bel Patra की कथा 

पौराणिक समय की एक कथा के अनुसार, एक समय की बात है जब देवी पार्वती ने अपने ललाट से पसीना साफ करकर फेंका था। तो उसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर जाकर गिरीं। पार्वती के उस पसीने से ही बेल के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी। बेल के पेड़ की जड़ों में में गिरिजा, तना में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षयायनी, पत्तियों में पार्वती, फूलों में गौरी का वास होता है ऐसा माना जाता है। इसी वजह से भोलेनाथ को बेलपत्र बेहद प्रिय हैं।

हिंदू धर्म की एक मान्यता के अनुसार बेलपत्र के तीन जुड़े हुए पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव को शांति मिलती है और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। जिसे शिवलिंग पर चढ़ाने के अलग नियम है….आइए जानते है

बेलपत्र चढ़ाने के नियम

1. भगवान शिव को हमेशा उल्टा बेलपत्र यानी चिकनी सतह की तरफ का भाग स्पर्श कराते हुए ही बेलपत्र चढ़ाएं।

2. बेलपत्र को अनामिका,अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं एवं मध्य वाली पत्ती को पकड़कर ही शिवजी को अर्पित करें।

3.शिव जी को कभी भी सिर्फ बिल्वपत्र अर्पण नहीं करें, बेलपत्र के साथ जल की धारा जरूर चढ़ाएं।

4.बेलपत्र की तीन पत्तियां ही भगवान शिव को चढ़ाएं।

5. ध्यान रखें कि बेलपत्र की पत्तियां कटी-फटी न हों।

6. कुछ तिथियों पर बेलपत्र तोड़ना वर्जित होता है।

7. चतुर्थी,अष्टमी,नवमी,चतुर्दशी और अमावस्या को,संक्रांति के समय और सोमवार को बेल पत्र नहीं तोड़ना चाहिए।

8.बेलपत्र कभी अशुद्ध नहीं होता। पहले से चढ़ाया हुआ बेलपत्र भी फिर से धोकर चढ़ाया जा सकता है।

बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र (Belpatra Mantra)

नमो बिल्ल्मिने च कवचिने च नमो वर्म्मिणे च वरूथिने च

नमः श्रुताय च श्रुतसेनाय च नमो दुन्दुब्भ्याय चा हनन्न्याय च नमो घृश्णवे॥


दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम्‌ पापनाशनम्‌ ।

अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌ ॥


त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुधम्‌ ।

त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्‌ ॥


अखण्डै बिल्वपत्रैश्च पूजये शिव शंकरम्‌ ।

कोटिकन्या महादानं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌ ॥


गृहाण बिल्व पत्राणि सपुश्पाणि महेश्वर ।

सुगन्धीनि भवानीश शिवत्वंकुसुम प्रिय ॥


भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का महत्व

अपने त्रिकोणीय आकार के साथ बेल पत्र  भगवान शिव की तीन आंखों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा यह भगवान के अस्त्र त्रिशूल का प्रतिनिधित्व करता है। बेल पत्र ठंडक प्रदान करते हैं। यह भी माना जाता है कि सावन पर बेलपत्र से पूजा करने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। बेल वृक्ष के नीचे शिवलिंग की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं। बिल्व वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। बिल्व वृक्ष के नीचे गरीबों को भोजन कराने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

Download

क्या आप अपनी कुंडली या घर का वास्तु दिखाना चाहते हैं?
हमारे Facebook Page से जुड़ें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएं।

फेसबुक Page Join करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें